महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश
तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले जस्टिस त्रिपाठी ने 9 सितंबर को पद की शपथ ली
महेश चंद्र त्रिपाठी को 9 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल से पद और गोपनीयता की शपथ ली। त्रिपाठी का करियर तीन दशक से अधिक पुराना है और वे 20 जून 2028 को रिटायर होंगे।
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वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी ने 9 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ली। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और कई मंत्री मौजूद रहे।
जस्टिस त्रिपाठी का न्यायिक और कानूनी करियर तीन दशक से अधिक का है। उन्होंने वर्ष 1990 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी की और 11 जनवरी 1992 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल मामलों में प्रैक्टिस की। अक्टूबर 2007 से वे उत्तर प्रदेश सरकार के लिए एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत रहे।
27 सितंबर 2013 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। करीब डेढ़ साल बाद 10 अप्रैल 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त को हुई बैठक में उनके अनुभव और वरिष्ठता को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उनकी सिफारिश की। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 सितंबर की रात उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया।
जस्टिस त्रिपाठी 20 जून 2028 को रिटायर होंगे। वे इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में शामिल थे। बॉम्बे हाई कोर्ट देश के महत्वपूर्ण हाई कोर्ट में से एक है, जिसके अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र, गोवा तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव आते हैं।
हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 94 है, लेकिन स्वीकृत पदों और मौजूदा न्यायाधीशों की संख्या के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- महेश चंद्र त्रिपाठी ने अपनी लॉ की पढ़ाई कहाँ से पूरी की?
- उन्होंने वर्ष 1990 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी की।
- जस्टिस त्रिपाठी ने अपने करियर में मुख्य रूप से किस प्रकार के मामलों में प्रैक्टिस की?
- उन्होंने मुख्य रूप से सिविल मामलों में वकालत की।
- बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में कौन-कौन से क्षेत्र आते हैं?
- यह अधिकार क्षेत्र महाराष्ट्र, गोवा तथा दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों पर फैला है।
- बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के पदों की स्थिति क्या है?
- स्वीकृत पदों की संख्या 94 है, लेकिन मौजूदा न्यायाधीशों की संख्या इससे कम है, जिससे बड़ा अंतर बना हुआ है।
- जस्टिस त्रिपाठी कब इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने थे?
- वे 10 अप्रैल 2015 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने थे।
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