जस्टिस संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने नियुक्ति वारंट जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट को 11 महीने बाद जस्टिस संजय के. अग्रवाल के रूप में स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति का वारंट जारी किया है और जल्द ही जयपुर के राजभवन में उनकी शपथ ग्रहण Ceremony होगी। जस्टिस अग्रवाल का न्यायिक अनुभव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी।
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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट को 11 महीने बाद स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। केंद्र सरकार ने भी उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है।
नियुक्ति और शपथ समारोह
राष्ट्रपति ने शनिवार रात जस्टिस संजय के. अग्रवाल की राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति का वारंट जारी किया। इसके बाद केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय ने भी उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था में था। इस प्रशासनिक शून्यता को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस अग्रवाल को नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी।
हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे जयपुर के राजभवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल का न्यायिक सफर
जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जन्म 15 जुलाई 1965 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रतनपुर से पूरी की और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से विज्ञान स्नातक और कानून स्नातक की डिग्रियां प्राप्त कीं। इसके बाद पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से मास्टर ऑफ लॉज की उच्च शिक्षा हासिल की।
उन्होंने 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना करियर शुरू किया और बिलासपुर जिला अदालत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) तथा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में लंबी वकालत की। वे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के स्थायी वकील और महाधिवक्ता भी रह चुके हैं।
सितंबर 2013 में उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया, मार्च 2016 में वे स्थायी न्यायाधीश बने और हाल ही में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली और कानूनी समझ के कारण राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने से न्यायिक प्रशासन में नई गति आएगी।
हाईकोर्ट प्रशासन, अधिकारियों
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने अपने न्यायिक करियर में किन मुख्य पदों पर कार्य किया है?
- वे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के स्थायी वकील और महाधिवक्ता रह चुके हैं और सितंबर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे।
- उनकी नियुक्ति से राजस्थान हाईकोर्ट में क्या बदलाव आने की उम्मीद है?
- उनकी निष्पक्ष कार्यशैली और कानूनी समझ के कारण राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद की जा रही है।
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