महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया में मुसलमानों की एंट्री पर विवाद
VHP ने मुस्लिमों को रोकने का फैसला किया, अमृता फडणवीस ने त्योहार सभी के लिए खुले रहने की बात कही
महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा-डांडिया में मुसलमानों की एंट्री पर विवाद छिड़ गया है। विश्व हिंदू परिषद ने मुसलमानों को कार्यक्रमों में शामिल न करने का फैसला किया है, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने त्योहार सभी के लिए खुले होने की बात कही है।
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मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया पंडालों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा कि त्योहार सभी के लिए खुले होने चाहिए और किसी को रोकना उचित नहीं।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों को शामिल न करने का फैसला किया है। संगठन ने आयोजकों से अपील की है कि वे प्रवेश द्वार पर प्रतिभागियों के आधार कार्ड की जांच करें और उनके माथे पर तिलक लगाएं ताकि केवल हिंदू पहचान वाले लोग ही अंदर आ सकें। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आने वालों को प्रवेश की अनुमति मिलने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना अनिवार्य किया गया है।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने वीएचपी के इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान 'लव जिहाद' के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए।" राणे ने यह भी कहा कि गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने वालों की पहचान की जांच होनी चाहिए और प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया जाना चाहिए।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने इस विवादित फैसले से अलग राय जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार सभी के लिए खुले होने चाहिए और किसी को रोकना उचित नहीं है।
अमृता फडणवीस ने कहा कि गरबा एक राष्ट्रीय उत्सव है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाता है। इसलिए किसी भी समुदाय या धर्म का व्यक्ति बिना किसी हंगामे के शांति से इसे देखने आना चाहता है तो यह ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार मनाते समय सभी को सरकार और अदालतों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए ताकि समाज या क्षेत्र के अन्य नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
VHP के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा कि यह कदम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे हिंदू त्योहारों के सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम माना जाता है। उनका तर्क है कि नवरात्रि केवल गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि देवी की आराधना का पर्व है।
अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और त्योहार का सही तरीके से आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता
देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं और अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति किसी उत्सव में शामिल होता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है
अमृता फडणवीस, मुख्यमंत्री की पत्नी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- VHP ने मुसलमानों को क्यों गरबा-डांडिया में शामिल नहीं करने का फैसला लिया?
- VHP का तर्क है कि नवरात्रि केवल देवी की आराधना का पर्व है और इसका सांस्कृतिक स्वरूप बचाना जरूरी है।
- अमृता फडणवीस का त्योहारों के खुलापन पर क्या कहना है?
- अमृता फडणवीस का कहना है कि गरबा एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उत्सव है, जो सभी के लिए खुला होना चाहिए।
- मंत्री नितेश राणे ने मुस्लिम सहभागिता पर क्या बयान दिया?
- नितेश राणे ने कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।
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