भारतीय वायुसेना और जापान की ताकत जोधपुर में दिखेगी
9 से 22 सितंबर तक वीर गार्जियन द्विपक्षीय हवाई अभ्यास में तेजस, सुखोई और राफेल शामिल
भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर वीर गार्जियन द्विपक्षीय हवाई अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास में दोनों देशों के लड़ाकू विमान और करीब 110 सदस्य हिस्सा लेंगे, जिसका उद्देश्य सामरिक दक्षता और सहयोग को बढ़ाना है। साथ ही, 14 से 16 सितंबर तक जैसलमेर के पोखरण रेंज में ड्रोनथॉन-2026 का आयोजन भी होगा।
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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर वीर गार्जियन द्विपक्षीय हवाई अभ्यास करेंगी। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और दोस्ती को मजबूत करेगा।
इस चौदह दिवसीय अभ्यास में भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस, एसयू-30 एमकेआई और राफेल के साथ जापान के एफ-2ए लड़ाकू विमान शामिल होंगे। दोनों देशों की वायु सेनाएं उन्नत परिचालन मिशनों को अंजाम देंगी जिससे तालमेल बढ़ेगा और सामरिक दक्षता में सुधार होगा।
जापान के दो C-2 विमान एयरफोर्स स्टेशन जोधपुर पर उतर चुके हैं। जापान की तरफ से आठवीं एयर विंग के तीन F-2A लड़ाकू विमान और करीब 110 सदस्य अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
अभ्यास के दौरान युद्धक अभ्यास के साथ मिशन प्लानिंग कॉन्फ्रेंस, विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श, इंजीनियरिंग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत और एयरोस्पेस सुरक्षा पर चर्चा भी होगी। इससे दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ और ऑपरेशनल तालमेल बेहतर होगा।
भारतीय वायुसेना ने बताया कि यह अभ्यास घरेलू निर्माताओं को ड्रोन और काउंटर ड्रोन प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन का अवसर भी देगा। इससे दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी।
जोधपुर में शुरू हो रहे इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और सामरिक दक्षता को बढ़ाना है। यह अभ्यास भारत-जापान के लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
साथ ही राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोखरण रेंज में 14 से 16 सितंबर तक ड्रोनथॉन-2026 का आयोजन भी होगा, जिसमें ड्रोन तकनीक से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वीर गार्जियन अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- इस अभ्यास का लक्ष्य दोनों वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और सामरिक दक्षता बढ़ाना है।
- अभ्यास में किन काउंटर ड्रोन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन होगा?
- ड्रोन और काउंटर ड्रोन तकनीकों का प्रदर्शन घरेलू निर्माताओं द्वारा किया जाएगा।
- अभ्यास दौरान किन अतिरिक्त गतिविधियों का आयोजन होगा?
- युद्धक अभ्यास, मिशन प्लानिंग कॉन्फ्रेंस, विशेषज्ञ विचार-विमर्श और एयरोस्पेस सुरक्षा पर चर्चा भी होगी।
- जापानी वायु सेना की क्या भूमिका है?
- जापान के एफ-2ए लड़ाकू विमान और 110 सदस्य अभ्यास में सहभागिता कर रहे हैं, जो रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा।
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