जोधपुर में 17 दिन तक तरंगशक्ति-2026 बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास
राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तान में 8 देशों के फाइटर जेट्स हिस्सा लेंगे
जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक भारत समेत सात अन्य देशों का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'तरंगशक्ति-2026' आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान के चार सीमावर्ती जिलों का हवाई क्षेत्र सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस अभ्यास में विभिन्न देशों के फाइटर जेट्स हिस्सा लेंगे और युद्धक क्षमताओं का अभ्यास करेंगे। यह युद्धाभ्यास भारत की युद्धक तैयारी और वैश्विक रक्षा साझेदारी को दर्शाता है।
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जोधपुर। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'तरंगशक्ति-2026' शुरू होगा। इस दौरान राजस्थान के चार सीमावर्ती जिलों के आसमान को सैन्य उड़ानों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
इस अभ्यास में भारत और सात अन्य शक्तिशाली देशों के उन्नत एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट्स हिस्सा लेंगे। जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को 40 हजार फीट तक सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। भारतीय वायुसेना ने इस दौरान 17 दिनों के लिए नोटम जारी किया है, जो अलग-अलग चरणों में सुबह 9:00 बजे से मध्यरात्रि 12:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
पहला चरण 21 से 24 सितंबर, दूसरा 28 से 30 सितंबर और तीसरा 1 से 5 अक्टूबर तक चलेगा। इन तिथियों में वायुसेना के विमान युद्धक क्षमताओं, हवा से हवा में ईंधन भरने और सटीक बॉम्बिंग का अभ्यास करेंगे।
जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन इस अभ्यास का मुख्य केंद्र है, जहां दुनिया की आठ प्रमुख वायुसेनाओं के स्क्वाड्रन लड़ाकू जहाजों के साथ पहुंचेंगे। भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और जगुआर विमान विदेशी फाइटर जेट्स के साथ मॉक-ड्रिल और कॉम्बैट ऑपरेशन्स करेंगे।
करीब 30 देशों के रक्षा प्रतिनिधि और सैन्य अधिकारी ऑब्जर्वर के रूप में इस अभ्यास में मौजूद रहेंगे, जो भारत की वैश्विक सैन्य साख और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। इस अभ्यास से मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल, साझा रणनीति और आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी।
पश्चिमी सीमा पर यह बहुराष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन भारत की युद्धक तैयारी का प्रमाण है। सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर बीकानेर के नाल एयरबेस के पास भी नोटम का दायरा है। इस खबर से पाकिस्तान की सेना और रणनीतिकारों में खलबली मची है। पाकिस्तानी थलसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने आपातकालीन बैठकें कर चौकसी और रडार सर्विलांस बढ़ा दी है।
भारतीय वायुसेना का यह अभ्यास न केवल सामरिक ताकत और त्वरित कार्रवाई की रणनीति को परखने का जरिया है, बल्कि पाकिस्तान को भारत की अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी का संदेश भी है। अगले 17 दिनों तक राजस्थान का आसमान वायुसेना के पराक्रम का गवाह बनेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- तरंगशक्ति-2026 बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास किसके द्वारा आयोजित किया जा रहा है?
- यह अभ्यास भारतीय वायुसेना द्वारा जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से आयोजित किया जा रहा है।
- अभ्यास के दौरान किन प्रकार की उड़ानें और अभ्यास होंगे?
- इसमें विमान युद्धक क्षमताएं, हवा से हवा में ईंधन भरना और सटीक बॉम्बिंग का अभ्यास शामिल होगा।
- भारत इस अभ्यास से क्या संदेश देना चाहता है?
- यह अभ्यास भारत की युद्धक तैयारी के साथ-साथ उसकी अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करने का संदेश देता है।
- इस अभ्यास के दौरान किन सीमावर्ती जिलों के आसमान को आरक्षित किया जाएगा?
- राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर जिलों के आसमान को सैन्य उड़ान के लिए आरक्षित किया जाएगा।
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