एनएसई का ग्रे मार्केट प्रीमियम एक दिन में गिरा 285 से 223 रुपये
एनएसई के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में उतार-चढ़ाव, दो अन्य कंपनियों के शेयर भी प्रभावित
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम 7 सितंबर को 285 रुपये से घटकर 8 सितंबर को 223 रुपये हो गया है। एनएसई 21 सितंबर को लिस्टिंग के लिए तैयार है और सेबी की मंजूरी प्राप्त है, लेकिन शेयरों में गिरावट के कारण निवेशकों में चिंता बनी हुई है। इस प्रीमियम में गिरावट का प्रभाव न्यू इंडिया इंश्योरेंस और आईएफसीआई के शेयरों पर भी पड़ा है।
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नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम 7 सितंबर को 285 रुपये से घटकर 8 सितंबर को 223 रुपये पर आ गया। इस गिरावट का असर दो अन्य कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा। एनएसई 21 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है और सेबी की मंजूरी मिल चुकी है।
एनएसई ने हाल ही में देश के सबसे बड़े आईपीओ की घोषणा की थी, जिससे पूरे शेयर बाजार में हलचल मची। करीब 30 हजार करोड़ रुपये के इस आईपीओ को निवेशक बड़े अवसर के रूप में देख रहे थे, इसलिए ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का प्रीमियम 7 सितंबर को 285 रुपये तक पहुंच गया था। इसका मतलब था कि आईपीओ लिस्टिंग पर प्रति शेयर 285 रुपये का लाभ माना जा रहा था।
लेकिन अगले दिन ही कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट आई और ग्रे मार्केट प्रीमियम 223 रुपये पर आ गया। इस गिरावट का मुख्य कारण न्यू इंडिया इंश्योरेंस की एनएसई में बड़ी हिस्सेदारी और आईएफसीआई का अप्रत्यक्ष रूप से एनएसई में बड़ा निवेश होना बताया गया है।
न्यू इंडिया इंश्योरेंस में पिछले एक महीने में 16 फीसदी और छह महीने में 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि आईएफसीआई ने एक महीने में 23 फीसदी और छह महीने में 79 फीसदी का उछाल दर्ज किया था। यह सब एनएसई के आईपीओ की खबरों के कारण था। न्यू इंडिया इंश्योरेंस की कंपनी में 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है और आईएफसीआई की SHCIL में 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसका एनएसई में 4.4 फीसदी का बड़ा स्टेक है।
एनएसई के ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट के कारण 8 सितंबर को न्यू इंडिया इंश्योरेंस के शेयरों में 11.33 फीसदी की गिरावट आई और वे 205 रुपये पर बंद हुए।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी स्टॉक की संभावित लिस्टिंग का संकेत देता है। एनएसई ने आईपीओ को लेकर अभी तक ज्यादा खुलासा नहीं किया है, जिससे ग्रे मार्केट प्रीमियम पर असर पड़ रहा है। सेबी की मंजूरी मिलने के बावजूद इस मामले में जानकारी का अभाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या संकेत देता है?
- ग्रे मार्केट प्रीमियम स्टॉक की संभावित लिस्टिंग की अनुमानित कीमत दर्शाता है।
- एनएसई के आईपीओ की कुल राशि कितनी है?
- एनएसई का आईपीओ करीब 30 हजार करोड़ रुपये का है।
- न्यू इंडिया इंश्योरेंस और आईएफसीआई की भूमिका क्या है?
- न्यू इंडिया इंश्योरेंस 1.42% हिस्सेदारी और आईएफसीआई का एनएसई में अप्रत्यक्ष बड़ा निवेश है।
- एनएसई ने आईपीओ के बारे में क्या खुलासा किया है?
- एनएसई ने आईपीओ को लेकर अभी तक ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
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