नेपाल में बाढ़ से 1259 मौतें, भारत ने डीएनए से पहचान की तैयारी शुरू की
नेपाल में आई जलप्रलय से हजारों विस्थापित, भारत ने लापता नागरिकों के परिवारों से डीएनए सैंपल लिए
नेपाल में बाढ़ से अब तक 1259 लोगों की मौत हुई है और हजारों घर तबाह हुए हैं। भारत सरकार ने लापता भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए उनके परिवारों से डीएनए सैंपल लेकर प्रोफाइल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है और राहत सामग्री पहुंचाई है।
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नेपाल में 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई बाढ़ में अब तक 1259 लोगों की मौत हो चुकी है। इस आपदा में हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। भारत सरकार ने लापता भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए उनके परिवारों से डीएनए सैंपल लेकर प्रोफाइल तैयार करने की व्यवस्था की है।
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, बाढ़ ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के आसपास के इलाकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। तेज़ लहरों ने बस्तियों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
आर्थिक नुकसान का शुरुआती अनुमान करीब 387.5 अरब नेपाली रुपये यानी लगभग 2.56 अरब डॉलर है, जिसमें मकान, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को हुए नुकसान शामिल हैं। आपदा के कारण लगभग 20 हजार घरों को दोबारा बनाने की जरूरत है, जिनमें से 7,500 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
नेपाल में बरामद अज्ञात शवों की पहचान बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि कई शव लंबे समय तक पानी और मलबे में रहने के कारण खराब स्थिति में मिले हैं। कुछ मामलों में केवल मानव अवशेष मिलने से पहचान मुश्किल हो रही है। प्रशासन शवों की तस्वीरें, पहचान से जुड़ी जानकारी, फिंगरप्रिंट और डीएनए सैंपल सुरक्षित कर रहा है ताकि वैज्ञानिक तरीके से मृतकों की पहचान की जा सके।
भारत सरकार ने इस प्रक्रिया में नेपाल की मदद के लिए कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत में रह रहे लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों जैसे माता-पिता, भाई-बहन और बेटे-बेटी से डीएनए नमूने लेकर प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय और राज्य स्तर की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की मदद ली जाएगी।
इन डीएनए प्रोफाइलों का इस्तेमाल नेपाल में मिले अज्ञात शवों और मानव अवशेषों से मिलान करने में किया जाएगा। इससे किसी अज्ञात शव का डीएनए किसी लापता व्यक्ति के परिवार से मेल खाने पर पहचान स्थापित करने में मदद मिलेगी।
भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए भी सहायता जारी रखी है। भारतीय वायुसेना के दो C-130J विमान 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडो पहुंचे हैं, जिनमें मेडिकल सप्लाई और फोरेंसिक किट भी शामिल हैं।
नेपाल की कई जलविद्युत परियोजनाओं को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। छह प्रभावित हाइड्रोपावर साइटों से करीब 900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल सुरंगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई सुरंगों के प्रवेश द्वार मलबे और चट्टानों से बंद हैं।
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया, "सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है।"
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