मुझे ऑफलाइन मां चाहिए, मोबाइल में खोई मां से बचाओ
मदर डे पर बच्चे ने मां के लिए भावुक संदेश लिखा, पेरेंटिंग एक्सपर्ट ने दी सलाह
मदर्स डे पर बच्चों से मां के बारे में लिखवाए गए एक निबंध में एक बच्चे ने ऐसी मां की इच्छा जताई जो मोबाइल का उपयोग न करे और अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताए। पेरेंटिंग एक्सपर्ट ने कहा कि मॉडर्निटी के साथ-साथ मांओं को मोबाइल के कारण बच्चों से दूरी बनाए बिना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। लेखिका नंदिनी दुबे ने प्रेग्नेंसी और पेरेंटिंग से जुड़ी भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
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बीते मदर्स डे पर बच्चों से मां के बारे में 10 लाइन लिखवाए गए। एक बच्चे ने अपनी कॉपी में लिखा, 'मुझे ऐसी मां चाहिए जो मोबाइल का इस्तेमाल न जानती हो।' प्रिंसिपल वर्षा सिंह ने बताया कि यह बात सुनकर पूरी क्लास भावुक हो गई।
पेरेंटिंग कोच और प्रिंसिपल वर्षा सिंह ने बताया कि मदर्स डे पर बच्चों से मां के बारे में 10 लाइन लिखवाई गईं। कई बच्चों ने मां की तारीफ में बातें लिखीं, लेकिन एक बच्चे की कॉपी का शीर्षक था, 'मुझे मां चाहिए, लेकिन ऑफलाइन मां चाहिए।'
उस बच्चे ने लिखा कि उसे ऐसी मां चाहिए जो मोबाइल का इस्तेमाल करना न जानती हो, जो हर जगह उसके साथ जाने को आतुर हो और उसे अपनी गोद में सिर रखकर सुला सके। वह चाहता था कि मां रात को वीडियो गेम की जगह कहानी सुनाकर उसे सुलाए।
बच्चे ने आगे लिखा कि जब उसे भूख लगे तो मां ऑनलाइन पिज्जा ऑर्डर न करे, बल्कि घर पर कुछ बनाए। इस दौरान क्लास में मॉनिटर के रोने की आवाज आई, जिससे पता चला कि बच्चे की बातों ने सभी को भावुक कर दिया।
पेरेंटिंग एक्सपर्ट ने कहा कि बचपन का यह दौर कभी लौटकर नहीं आएगा। उन्होंने सभी मांओं से अपील की कि वे मॉडर्न जरूर रहें, लेकिन मोबाइल के शोर में अपने बच्चे से दूर न हो जाएं।
लेखिका नंदिनी दुबे, जो खुद दो साल के बच्चे की मां हैं और पेरेंटिंग पर कई लेख लिख चुकी हैं, ने बताया कि हर महिला की पेरेंटिंग से जुड़ी जरूरतें अलग होती हैं। वे गायनेकोलॉजिस्ट्स, फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स की सलाह लेकर फैक्ट-चेक्ड जानकारी देती हैं।
नंदिनी का मानना है कि प्रेग्नेंसी और पेरेंटिंग सिर्फ शारीरिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियां भी लेकर आती हैं। इसलिए जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को हिम्मत देना उनका दायित्व है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है और प्राइमरी व माध्यमिक स्कूलों की स्थिति से लेकर महिलाओं के सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बच्चे ने मां के लिए कौन-कौन सी बातें लिखीं?
- उसने मां से वीडियो गेम की जगह कहानी सुनाने और घर का खाना बनाने की अपेक्षा जताई।
- प्रिंसिपल वर्षा सिंह ने पेरेंटिंग को लेकर क्या सलाह दी?
- उन्होंने कहा कि मॉडर्न मांओं को मोबाइल के शोर में बच्चों से दूर नहीं होना चाहिए।
- नंदिनी दुबे पेरेंटिंग पर क्या मानती हैं?
- वह मानती हैं कि पेरेंटिंग शारीरिक के साथ भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियां भी लाती है।
- नंदिनी दुबे ने अपनी विशेषज्ञता के बारे में क्या बताया?
- उन्होंने कहा कि वे फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स और मेडिकल प्रोफेशनल्स से सलाह लेकर जानकारी देती हैं।
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