72 वर्षीय रिटायर्ड कर्मी ने छत पर थिनर डालकर खुद को आग लगाई
पड़ोसियों ने बचाने की कोशिश की, अस्पताल में मौत, सुसाइड नोट मिला
कानपुर में 72 वर्षीय रिटायर्ड सिंचाईकर्मी रामरतन साहू ने छत पर खुद को थिनर डालकर आग लगा ली, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद किया है और मामले की जांच कर रही है।
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कानपुर में गुरुवार सुबह 6 बजे 72 वर्षीय रिटायर्ड सिंचाईकर्मी ने छत पर थिनर डालकर खुद को आग लगा ली। पड़ोसियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह आग की चपेट में आ चुके थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के अनुसार रामरतन साहू मूलरूप से नवाबगंज क्षेत्र के निवासी थे। उनकी पत्नी मिथलेश ने 2014 में घरेलू विवाद के चलते आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके दो बच्चे लक्ष्य और शानवी हैं, जबकि छोटी बेटी रुचि अपने पति के साथ श्यामनगर में रहती है। बड़ी बेटी कंचन ने बताया कि पिता बीमार नहीं थे, केवल पैर में हल्का दर्द रहता था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग बुझने के बाद भी रामरतन करीब 30 मिनट तक छत पर तड़पते रहे। घर के बाहर कार खड़ी होने के बावजूद उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस से उन्हें कांशीराम अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी पर एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए और एक सुसाइड नोट बरामद किया। सुसाइड नोट में लिखा था कि ‘‘महोदय - मेरा निवेदन है कि हमारी तबियत उलझन में रहती है। आपसे निवेदन है कि, मेरा किसी से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं है। ना किसी के कहने पर।’
पड़ोस में रहने वाले सुरजीत तिवारी ने बताया कि वह सो रहे थे, जब कमरे से निकलकर छत पर पहुंचे तो देखा कि रामरतन आग से लिपटे हुए हैं। छत का दरवाजा बंद होने के कारण तुरंत ऊपर नहीं पहुंच सके। उनकी बेटी और दामाद भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रामरतन साहू के परिवार में कौन-कौन हैं?
- उनके दो बच्चे लक्ष्य और शानवी हैं, तथा छोटी बेटी रुचि अपने पति के साथ श्यामनगर में रहती है।
- पड़ोसियों ने घटना के वक्त क्या देखा?
- पड़ोसी सुरजीत तिवारी ने बताया कि वह सो रहे थे और छत पर पहुंचे तो रामरतन को आग से लिपटे देखा।
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