पूर्व ADC मेजर ऋषभ ने बताया शादी न करने का कारण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC की जिम्मेदारी और निजी जीवन पर प्रतिबंध
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया कि इस पद पर सेवा के दौरान शादी की अनुमति नहीं होती और निजी जीवन बहुत सीमित हो जाता है। उन्होंने साफ किया कि यह प्रतिबंध केवल ADC पद से जुड़ा है और सामान्य सैन्य सेवा नियम नहीं है। मेजर ऋषभ ने करीब तीन साल राष्ट्रपति की ADC टीम में रहने के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लिया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने इस पद से जुड़ी अपनी निजी जिंदगी की चुनौतियों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस भूमिका में रहते हुए शादी की अनुमति नहीं होती और सामाजिक जीवन काफी सीमित हो जाता है।
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के रूप में सेवा के दौरान उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता था और निजी जीवन के लिए बहुत कम समय मिलता था। यह पद अनुशासन, सतर्कता और गोपनीयता की मांग करता है। उन्होंने कहा, "इस वजह से सामान्य सामाजिक और पारिवारिक जीवन काफी सीमित हो जाता है।"
ऋषभ ने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के लिए ऐसा क्लॉज होता है, जिसके तहत सेवा के दौरान शादी नहीं की जा सकती। यह नियम भारतीय सेना के सामान्य विवाह प्रतिबंध से अलग है और विशेष रूप से इस पद की जिम्मेदारियों से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति के साथ काम करते हुए वह सामान्य व्यक्ति की तरह बाहर जाकर जिंदगी का आनंद नहीं ले सकते थे।" मेजर ऋषभ ने यह भी बताया कि उन्हें किसी ने यह नहीं सिखाया था कि बारिश में राष्ट्रपति के लिए छतरी कैसे पकड़नी है, बल्कि यह उनके लिए एक इंसान और एक फौजी के तौर पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी।
ऋषभ ने कहा, "एडीसी राष्ट्रपति के सबसे करीबी अधिकारी होते हैं।" इस पद पर अधिकारी को हर समय राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, आधिकारिक यात्राओं और समारोहों में सक्रिय और चौकन्ना रहना होता है।
उन्होंने बताया कि कार्यकाल के दौरान शादी पर रोक केवल इस पद से जुड़ी है, इसे सामान्य सैन्य सेवा का नियम नहीं माना जाना चाहिए। कार्यकाल खत्म होने के बाद अधिकारी की स्थिति सामान्य नियमों के अनुसार होती है।
मेजर ऋषभ ने करीब 12 साल सेना में सेवा देने के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लिया। वह मार्च 2023 में राष्ट्रपति की ADC टीम से जुड़े थे और लगभग तीन साल इस जिम्मेदारी में रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना छोड़ने का फैसला शादी की वजह से नहीं था, बल्कि परिवार और माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों ने इसमें भूमिका निभाई।
ऋषभ की कहानी बताती है कि राष्ट्रपति के साथ दिखाई देने वाली चमकदार वर्दी के पीछे अनुशासन, निजी त्याग और सीमित निजी जीवन जुड़ा होता है। ADC की जिम्मेदारी केवल राष्ट्रपति के साथ खड़े रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था की गरिमा और प्रोटोकॉल को हर समय प्राथमिकता देने वाला पद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एडीसी पद की शादी पर रोक क्यों लगती है?
- यह रोक इस पद की जिम्मेदारियों और गोपनीयता के कारण है, न कि सामान्य सेना के नियमों के तहत।
- मेजर ऋषभ ने सेना क्यों छोड़ी?
- उन्होंने शादी के कारण नहीं, बल्कि परिवार और माता-पिता की जिम्मेदारियों के चलते समय से पहले रिटायरमेंट लिया।
- एडीसी की भूमिका में रोजाना क्या चुनौतियाँ होती हैं?
- एडीसी को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, आधिकारिक यात्राओं में चौकन्ना और सतर्क रहना होता है।
- क्या मेजर ऋषभ को ट्रेनिंग मिली थी कि बारिश में राष्ट्रपति के लिए छतरी कैसे पकड़नी है?
- नहीं, यह एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी जो एक इंसान और सैनिक के तौर पर उन्होंने दी।
- एडीसी पद पर रहते हुए सामाजिक जीवन कैसा होता है?
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन काफी सीमित हो जाता है और सामान्य जीवनशैली का आनंद लेना मुश्किल होता है।
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