अरुणाचल में पहली सैन्य कमांडर स्तर की बैठक हुई
6 और 7 सितंबर को वाचा व दमाई में भारत-चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक
भारत और चीन ने अरुणाचल प्रदेश में पहली बार सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की बैठक की है, जिसका उद्देश्य सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना है। यह बैठक हाल के तनाव के बीच हुई है और दोनों पक्ष सीमा विवाद के समाधान के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
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भारत और चीन ने अरुणाचल प्रदेश में पहली बार सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग की है। यह बैठक 6 सितंबर को वाचा और 7 सितंबर को दमाई में हुई। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों देशों के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के लिए अहम है।
यह दोनों देशों के बीच अरुणाचल सेक्टर में इस स्तर की पहली सैन्य बैठक है। इन बैठकों का मकसद सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर करना है।
यह सैन्य बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत के बाद हुई है। दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में हुई बातचीत में सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद मई में बीजिंग और अगस्त में नई दिल्ली में सीमा मामलों पर काम करने वाली व्यवस्था के तहत भी बातचीत हुई।
इन चर्चाओं के बाद अरुणाचल में सैन्य कमांडर स्तर की बैठक का रास्ता साफ हुआ। अजीत डोभाल और वांग यी ने हालिया बातचीत में भारत-चीन सीमा विवाद और दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा की थी। भारत ने साफ कहा था कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहना दोनों देशों के रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। दोनों पक्ष सीमा विवाद के समाधान के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
सीमा से जुड़े मुद्दों में सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के बीच सहयोग जैसे विषय शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में हाल के दिनों में चीनी सैनिकों की गतिविधियों को लेकर तनाव की खबरें आई थीं। ऐसे समय में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत को अहम माना जा रहा है।
इस तरह की बैठक से सीमा पर तैनात सैनिकों के बीच संपर्क बढ़ाने और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर करने में मदद मिल सकती है। भारत और चीन के बीच 2020 के गलवान संघर्ष के बाद रिश्तों में काफी तनाव आया था। अब दोनों देश धीरे-धीरे बातचीत और संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह सैन्य बातचीत ऐसे समय हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की तैयारी चल रही है। वह 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अरुणाचल में यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह सीमा पर शांति और गलतफहमियों को बातचीत से दूर करने के लिए पहली कमांडर स्तर की बैठक है।
- भारत और चीन की सीमा बातचीत में क्या विषय शामिल हैं?
- सीमा निर्धारण, प्रबंधन और दोनों देशों के बीच सहयोग मुख्य मुद्दे हैं।
- बैठक किस राजनीतिक संदर्भ में हुई?
- यह बैठक अजीत डोभाल और वांग यी के वार्तालाप के बाद हुई, और शी जिनपिंग के आगमन से पहले हुई।
- इस बैठकों से क्या उम्मीद की जाती है?
- सीमा पर सैनिकों के बीच संपर्क बढ़ाना और तनाव कम करना अपेक्षित है।
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