बिना मावा और चाशनी के मिनटों में बनाएं शाही बेसन मोदक
गणपति बप्पा को घर पर स्वादिष्ट और हलवाई जैसे मोदक भोग लगाने की आसान रेसिपी
गणेश चतुर्थी पर बिना मावा और चाशनी के घर पर शाही बेसन मोदक मिनटों में बनाए जा सकते हैं। इस विधि में बेसन और घी भूनकर दूध, चीनी, इलायची और मेवे मिलाकर मोदक तैयार किए जाते हैं, जिससे समय की बचत होती है। इसके अलावा मलाई मोदक बनाने की भी सरल रेसिपी उपलब्ध है, जिसमें छेना और कंडेंस्ड मिल्क का उपयोग होता है।
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गणेश चतुर्थी के मौके पर बिना मावा और चाशनी के झटपट शाही बेसन मोदक बनाए जा सकते हैं। घर में उपलब्ध सामग्री से 14 सितंबर को दानेदार और स्वादिष्ट मोदक तैयार किए जा सकते हैं। यह विधि समय की कमी और झंझट से बचाती है।
गणपति बप्पा के प्रिय मोदक का भोग लगाना इस त्योहार की खास परंपरा है। घर पर बने मोदक शुद्ध और मिलावट रहित होते हैं, इसलिए भक्त इन्हें सबसे शुभ मानते हैं। हालांकि, मावा और चाशनी बनाने की प्रक्रिया में समय और मेहनत लगती है, जिससे कई बार लोग बाहर से मिठाई लाना पसंद करते हैं।
शाही बेसन मोदक बनाने के लिए बेसन और घी को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनना होता है। भुने बेसन में दूध के छींटे डालकर दानेदार टेक्सचर लाया जाता है। ठंडा होने पर इसमें चीनी, इलायची और मेवे मिलाकर मोदक तैयार किए जाते हैं। इस विधि में चाशनी के तार चेक करने या मावा लाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इसके अलावा, मलाई मोदक बनाने की भी आसान रेसिपी है, जिसमें 1 लीटर दूध, सिरका और पानी का घोल, देसी घी, मिल्क पाउडर और कंडेंस्ड मिल्क का इस्तेमाल होता है। दूध को उबालकर उसमें सिरका-पानी का घोल डालकर फाड़ा जाता है और छेना अलग किया जाता है। फिर छेना, मिल्क पाउडर और कंडेंस्ड मिल्क को देसी घी में भूनकर गाढ़ा मिश्रण बनाया जाता है। मोदक के सांचे को घी से ग्रीस करके इसमें मिश्रण भरकर मोदक बनाए जाते हैं।
मलाई मोदक पर हल्का चांदी का वर्क लगाकर या कटे हुए ड्राई फ्रूट्स से सजाया जा सकता है। यह रेसिपी स्वाद में हलवाई जैसे टेस्टी मोदक बनाती है और समय की बचत भी करती है।
गणेश चतुर्थी के दिन भक्त बप्पा को घर के बने शुद्ध और स्वादिष्ट मोदक का भोग लगाकर त्योहार की खुशियाँ मनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शाही बेसन मोदक बनाने में चाशनी क्यों नहीं लगानी पड़ती?
- इस विधि में चाशनी के तार चेक करने की जरूरत नहीं रहती क्योंकि मोदक में चीनी सीधे मिलाई जाती है जिससे समय की बचत होती है।
- मलाई मोदक बनाने के लिए दूध को कैसे फाड़ा जाता है?
- दूध को उबालकर उसमें सिरका और पानी का घोल डाला जाता है जिससे दूध फटकर छेना अलग हो जाता है।
- घर पर बने मोदक को भक्त क्यों ज्यादा शुभ मानते हैं?
- घर के बने मोदक शुद्ध और बिना मिलावट के होते हैं, इसलिए भक्त इन्हें त्योहार के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं।
- बेसन मोदक में दानेदार टेक्सचर कैसे आता है?
- भुने हुए बेसन में दूध के छींटे डालकर उसे मिक्स करने से मोदक में दानेदार टेक्सचर आ जाता है।
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