सज्जनगढ़ में इच्छापूर्ति राजा का भव्य आगमन, नगर गूंजा जयकारों से
महाराष्ट्र के पुनेरी ढोल की गूंज पर श्रद्धालु थिरके, आतिशबाजी से सजा नगर
बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 6 सितंबर को इच्छापूर्ति राजा का भव्य आगमन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान महाराष्ट्र से आए ढोल पर नृत्य और विशेष आतिशबाजी प्रदर्शन हुआ। पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रहा और आयोजन समिति ने सहयोग देने वाले सभी का धन्यवाद किया।
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बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 6 सितंबर को इच्छापूर्ति राजा का भव्य आगमन हुआ। धार्मिक उत्साह और अपार जनसैलाब के बीच यह आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारों से नगर को गूंजित कर दिया।
शोभायात्रा के दौरान महाराष्ट्र से बुलाए गए प्रसिद्ध शिव गर्जना पुनेरी ढोल की गूंज पर युवा, बुजुर्ग और बच्चे जोशीले ताल पर थिरकते रहे। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
खुशी इवेंट्स बांसवाड़ा ने चार-वे ट्रस, आकर्षक लाइटिंग और भव्य सजावट से शोभायात्रा की सुंदरता बढ़ाई। रास्ते को रंग-बिरंगी रोशनी और भगवा ध्वजों से सजाया गया था।
गणेशजी के स्वागत में सारंगपुर के हनुमान जन्मोत्सव की तर्ज पर विशेष आतिशबाजी शो हुआ, जो करीब आधे घंटे तक चला। इस दौरान आसमान सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों और घरों की छतों पर जमा होकर आतिशबाजी का आनंद लेते रहे।
शोभायात्रा के मुख्य रास्ते पर नगरवासियों और व्यापार मंडलों ने जगह-जगह स्वागत मंच बनाए। श्रद्धालुओं ने इच्छापूर्ति राजा पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद रहा। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले नगरवासियों, पुलिस प्रशासन, व्यापार मंडलों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शोभायात्रा में किस उम्र के लोग शामिल हुए?
- युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी जोश के साथ ताल पर थिरकते रहे।
- शोभायात्रा के रास्ते को कैसे सजाया गया था?
- रास्ते को रंग-बिरंगी रोशनी और भगवा ध्वजों से सजाया गया था।
- आतिशबाजी शो के दौरान क्या खास दिखा?
- आसमान सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा और लोग छतों से आनंद लेने आए।
- कार्यक्रम सफल बनाने के लिए किसका आभार व्यक्त किया गया?
- नगरवासियों, पुलिस प्रशासन, व्यापार मंडलों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया गया।
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