एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ
सेवानिवृत्त एयर मार्शल ने 39 वर्षों की सेवा के बाद मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली
सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। भारतीय वायु सेना में 39 वर्षों की सेवा के बाद अब वे मंदिर के प्रशासन, वित्त और सुरक्षा का प्रबंधन करेंगे। मिश्रा को ट्रस्ट ने 5,000 से अधिक उम्मीदवारों में से चुना है।
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सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने भारतीय वायु सेना में 39 वर्षों से अधिक सेवा की है और अब मंदिर के प्रशासन, वित्त और सुरक्षा का प्रबंधन करेंगे।
मिश्रा को 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कमांडर के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस ऑपरेशन को उन्होंने केवल सैन्य अभियान नहीं बल्कि भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायु सेना के जवानों के वर्षों के परिश्रम का परिणाम बताया।
उन्होंने बताया कि भारत के पास 250 से 300 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों पर महज दो मीटर की सटीकता के साथ हमला करने की क्षमता है। इसके लिए विकसित इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) में लगभग 15 साल लगे। मिश्रा ने कहा कि जो देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक की तेज़ी से हो रहे विकास के साथ नहीं चल पाएंगे, वे कुछ वर्षों में पीछे रह जाएंगे।
उन्होंने बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना करते हुए बताया कि दोनों में संसाधन मौजूद थे, अंतर रणनीतिक विकल्पों का था। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर को अंतिम चरण नहीं माना जाना चाहिए, भारत के आसमान की सुरक्षा सतत 24x7 मिशन है।" उन्होंने उपग्रह छवियों के जरिए हवाई हमलों के प्रभाव की पुष्टि की।
मिश्रा ने बताया कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के माध्यम से 314 किलोमीटर की दूरी पर विमान को मार गिराना विश्व रिकॉर्ड के करीब की उपलब्धि थी। उन्होंने कहा, "इसकी मदद से सरगोधा और रहीम यार खान जैसे ठिकानों को 200 किलोमीटर से अधिक दूरी से निशाना बनाया जा सकता है।"
राम मंदिर ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में मिश्रा को 5,000 से अधिक उम्मीदवारों में से चुना गया। ट्रस्ट के सदस्यों ने उनके व्यापक नेतृत्व अनुभव और विशिष्ट सेवाकाल की सराहना की। मिश्रा के पास मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा, स्टाफ प्रशासन, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने कहा, "मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा हुआ है। मैं आज स्वयं को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार यह जिम्मेदारी दी गई है, एक बार राष्ट्र की सेवा के लिए और अब भगवान राम, मंदिर और उसके भक्तों की संगठन और प्रशासन के माध्यम से सेवा करने के लिए।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट में क्या जिम्मेदारियां मिली हैं?
- मिश्रा मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा, स्टाफ प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का प्रबंधन करेंगे।
- ऑपरेशन सिंदूर क्यों खास माना जाता है?
- ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान के साथ वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और जवानों के संयुक्त परिश्रम का परिणाम है।
- इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) विकसित होने में कितना समय लगा?
- IACCS के विकास में लगभग 15 साल लगे।
- बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर में क्या अंतर है?
- दोनो अभियानों में संसाधन मौजूद थे लेकिन रणनीतिक विकल्पों में अंतर था।
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