वैशाली में निर्माणाधीन पुल गिरा, 7 मजदूर घायल
लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर में हादसे के बाद अफरा-तफरी मची
वैशाली के लालगंज में निर्माणाधीन पुल गिरने से सात मजदूर घायल हो गए हैं, जिनमें से एक अभी भी लोहे के स्ट्रक्चर में फंसा हुआ है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य में देरी देखी गई और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर निर्माण कंपनी की आलोचना की है। मौके पर अधिकारी पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
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वैशाली। वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर सती स्थान के पास निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर गिरने से सात मजदूर घायल हो गए। हादसे में एक मजदूर अभी भी लोहे के स्ट्रक्चर में फंसा हुआ है और उसे बचाने के प्रयास जारी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। मजदूरों को पानी पिलाकर जीवित रखा जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है। मौके पर अफरा-तफरी मची हुई है और हजारों की संख्या में ग्रामीण जमा हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी ने मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे। हादसे के बाद भी कंपनी की ओर से फंसे मजदूर को निकालने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।
घायल मजदूरों की पहचान रंजन कुमार (बेगूसराय), राम भरोसे साह (पटना), गुलशन (पंजाब), अली इमाम (पातेपुर), प्रमोद चौधरी (पटना) और संजीव कुमार (ओडिशा) के रूप में हुई है। सभी को लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां छह का इलाज किया गया और दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
स्थानीय निवासी शिवेश्वर साहू ने कहा, "निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं था।" ग्रामीणों ने सुरक्षा उपकरणों की कमी पर कंपनी को घेरा है।
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज सदर टू एसडीपीओ गोपाल मंडल, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार और स्थानीय मुखिया सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा भी घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं।
यह पुल भारतमाला परियोजना के तहत NH-139W फोरलेन रोड का हिस्सा है, जिसकी लंबाई लगभग 38.8 किलोमीटर है। निर्माण कार्य एकलव्य कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही थी, जिसकी लागत 6 हजार करोड़ रुपये बताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुल का निर्माण घटिया तरीके से किया जा रहा था और पुल पहले से ही धंस रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोग निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मौके पर गैस कटर से लोहे को काटने का प्रयास किया जा रहा है ताकि फंसे मजदूर को निकाला जा सके। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी राहत बचाव कार्य में देरी से लोग आक्रोशित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हादसे में घायल मजदूरों को कहाँ ले जाया गया?
- छह मजदूरों का लालगंज रेफरल अस्पताल में इलाज हुआ, दो को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
- क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण दिए गए थे?
- स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी ने मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे।
- घटना के बाद अधिकारियों की क्या प्रतिक्रिया रही?
- लालगंज सदर टू एसडीपीओ, प्रखंड विकास पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुटे हैं।
- पुल निर्माण किस कंपनी द्वारा किया जा रहा था?
- निर्माण कार्य एकलव्य कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही थी।
- घटना के दौरान मजदूरों की सुरक्षा कैसी थी?
- स्थानीय निवासी शिवेश्वर साहू ने बताया कि निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं था।
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