बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से 22.42 लाख लोग प्रभावित
गंगा, कोसी और पुनपुन नदियों के उफान से कई इलाकों में जलजमाव और सड़क धंसने की समस्या
बिहार के 12 जिलों में गंगा, कोसी और पुनपुन नदियों के जलस्तर बढ़ने से 22.42 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सारण जिले में मही नदी का बांध टूटने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जबकि राहत कार्यों के तहत कई टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और सहायता प्रदान की है।
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बिहार के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में बाढ़ से 22.42 लाख आबादी प्रभावित है। गंगा, कोसी और पुनपुन नदियों के जलस्तर में वृद्धि से पटना, भोजपुर, सारण समेत कई जिलों के निचले इलाकों में हालात गंभीर हैं।
गंगा किनारे बसे पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और लखीसराय के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है। पटना जिले के 11 प्रखंडों में गंगा और पुनपुन की बाढ़ से करीब 3.19 लाख लोग प्रभावित हैं।
रविवार को बिहटा-सरमेरा सड़क के नेवां गांव के समीप लगभग 10 फीट लंबाई में सड़क धंस गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। एनएच-80 और एनएच-19 पर भी पानी के कारण यातायात प्रभावित है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक नदी डुमरियाघाट व हाजीपुर, कोसी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया, बागमती बेनीबाद, घाघरा दरौली व गंगपुर तथा सोन नदी मनेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि का प्रभाव अगले एक से तीन दिनों तक हाथीदह से लेकर कहलगांव तक दिखेगा। विभाग ने तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
सारण जिले के सेमरहिया-मोहन कोठियां के समीप रविवार सुबह करीब पांच बजे मही नदी का बांध टूट गया। इससे दरियापुर प्रखंड की सात और गड़खा प्रखंड की चार पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने टूटे बांध की तुरंत मरम्मत का निर्देश दिया है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें राहत कार्य में लगी हैं। रविवार को 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया गया, जहां 2.51 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा तीन राहत शिविरों में 1631 बाढ़ शरणार्थी ठहरे हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाढ़ राज्य के किन प्रमुख नदियों से आई है?
- बाढ़ गंगा, कोसी, पुनपुन, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, घाघरा और सोन नदियों के जलस्तर बढ़ने से आई है।
- बाढ़ के कारण किन जिलों के निचले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
- पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और लखीसराय के निचले इलाके गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
- बाढ़ की वजह से किन परिवहन मार्गों पर समस्या आई है?
- बिहटा-सरमेरा सड़क का हिस्सा धंस गया है, साथ ही एनएच-80 और एनएच-19 पर पानी के कारण यातायात बाधित है।
- सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्या राहत उपाय किए हैं?
- आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जहां राहत शिविरों में बाढ़ शरणार्थी ठहरे हैं और सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
- जल संसाधन विभाग ने किन निर्देश दिए हैं?
- तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और तटबंधों व संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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