अग्रोहा धाम में 14 से 25 सितंबर तक गणेश पूजा और भजन-कीर्तन
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की
हिसार के अग्रोहा धाम में 14 से 25 सितंबर तक गणेश पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 21 सितंबर को मंदिर में भजन समारोह होगा और अंत में भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
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हिसार के अग्रोहा धाम में 14 से 25 सितंबर तक भगवान गणेश के उत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन दो बार पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संस्था के प्रधान बजरंग गर्ग के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। गणेश उत्सव धार्मिक आस्था के साथ संस्कार, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
इस आयोजन से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन में भी भाग ले रहे हैं। 21 सितंबर को मंदिर प्रांगण में विशाल भजन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें भक्तिमय प्रस्तुतियां होंगी।
उत्सव के अंत में विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम में नारायण दास बंसल, कैलाश चौधरी, सुरेंद्र सिंगला, जगत नारायण, ओम प्रकाश असीजा, सतेंद्र गोयल और रमेश पटवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणेश उत्सव में कौन-कौन से धार्मिक कार्यक्रम होते हैं?
- पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन तथा भक्तिमय प्रस्तुतियां शामिल होती हैं।
- उत्सव का सामाजिक महत्व क्या है?
- यह संस्कार, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
- कौन-कौन प्रमुख श्रद्धालु इस कार्यक्रम में मौजूद रहे?
- नारायण दास बंसल, कैलाश चौधरी, सुरेंद्र सिंगला, जगत नारायण सहित अन्य।
- इस आयोजन से नई पीढ़ी को क्या लाभ मिलता है?
- नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर पाती है।
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