यूपी में नौ वर्षों में 371 करोड़ का जुर्माना वसूला गया
14.49 लाख निरीक्षण, 2.10 लाख छापे और 1,388 को सजा मिली
उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ 14,49,687 निरीक्षण, 2,10,688 छापे और 2,64,139 नमूने लिए गए। इस दौरान 371 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया और 1,388 लोगों को सजा हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा के लिए कार्रवाई तेज की गई है।
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उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ पिछले नौ वर्षों में कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 14,49,687 निरीक्षण, 2,10,688 छापे और 2,64,139 नमूने लिए गए। इस दौरान 371 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई में 94,265 नमूने अधोमानक पाए गए, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं थे। वहीं, 19,364 नमूने असुरक्षित और 24,212 नमूने मिथ्याछाप नियमों के उल्लंघन वाले थे। 1,37,841 नमूने मानक के अनुसार नहीं पाए गए, जिनमें गुणवत्ता और सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन था।
मिलावटखोरों के खिलाफ 1,29,953 वाद एओ कोर्ट में दायर किए गए, जिनमें 98,063 वादों में 368.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। न्यायालयों में 17,404 वाद दायर हुए, जिनमें 2,971 वादों में 2.63 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और 1,388 लोगों को सजा सुनाई गई।
वर्ष 2017-18 में 1,35,660 निरीक्षण और 14,115 छापे हुए थे, जबकि 2025-26 में निरीक्षण 1,57,010 और छापे 32,883 हुए। सहायक खाद्य आयुक्त ग्रेड 2 कुमार गुंजन ने बताया कि विभाग ने मिलावट और गुणवत्ता से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है।
कई व्यक्तियों पर अलग-अलग मामलों में आर्थिक दंड लगाया गया है, जिनमें 1.50 लाख रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक के जुर्माने शामिल हैं।
यह कार्रवाई बाज़ार में पिछले 26 दिन से चल रही है और प्रशासन लगातार मिलावटखोरों पर शिकंजा कस रहा है।
कार्रवाई का विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए व्यापक निरीक्षण और छापेमारी की गई। विभाग ने 14,49,687 निरीक्षण किए, 2,10,688 छापे मारे और 2,64,139 नमूने लिए। इस दौरान 371 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
न्यायालयों द्वारा 1,388 मिलावटखोरों को प्रभावी सजा दिलाई गई। विभाग की कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मिलावटी खाद्य पदार्थों के कितने नमूने असुरक्षित पाए गए?
- 19,364 नमूने असुरक्षित पाए गए जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
- जुर्माने की राशि किस सीमा तक लगी है?
- जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये से 1.50 लाख रुपये तक है।
- न्यायालयों ने मिलावटखोरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
- न्यायालयों में 17,404 वाद दायर हुए, जिनमें 2,971 वादों में जुर्माना लगाया गया।
- विभाग की हाल की कार्रवाई कब से चल रही है?
- कार्रवाई पिछले 26 दिनों से लगातार चल रही है।
- विभाग ने हाल के वर्षों में निरीक्षण और छापों में कैसी वृद्धि दिखाई?
- वर्ष 2017-18 में निरीक्षण 1,35,660 और छापे 14,115 थे, जबकि 2025-26 में निरीक्षण 1,57,010 और छापे 32,883 हो गए।
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