योगी ने यूपी टेक्स-2026 का उद्घाटन कर प्रदेश को ग्लोबल हब बताया
प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैगिंग मिली, 56 फीसदी ग्रोथ दर्ज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में यूपी टेक्स-2026 का उद्घाटन किया और प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बताया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में इस एस्टर में 56 फीसदी की वृद्धि हुई है और नौ साल में 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं और निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाया गया है।
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में यूपी टेक्स-2026 का उद्घाटन किया। इस क्षेत्र में इस एस्टर में 56 फीसदी की ग्रोथ आई है।
टेक्सटाइल क्षेत्र की विरासत और विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य में सोने के तारों से बने वस्त्रों का उल्लेख है और अयोध्या में राम के समय बनारस के रेशमी वस्त्र प्रसिद्ध थे। महाभारत के राजसूय यज्ञ में काशी के राजा ने युधिष्ठिर को सूती वस्त्र दिए थे। बनारस, कानपुर, सीतापुर और मेरठ प्रदेश के टेक्सटाइल विरासत के प्रमुख केंद्र हैं।
योगी ने कहा कि प्रदेश में पांच लाख हथकरघा बुनकर हैं जो इस क्षेत्र के असली नायक हैं। कृषि के बाद यह क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देता है। यूपी ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को जोड़ा है जिससे 350 बिलियन डॉलर की टेक्सटाइल इकनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में माफिया की अराजकता थी, लेकिन अब अपराध और अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। व्यापारी और निवेशक सुरक्षित हैं और कोई माफिया खुलेआम पिस्टल लहराकर नहीं घूम सकता।
उद्योग और रोजगार में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस एस्टर में टेक्सटाइल क्षेत्र में 56 फीसदी की वृद्धि हुई है। नौ साल में प्रदेश में 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। बड़े कारखानों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 35 हजार हो गई है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं जो देश में सबसे अधिक हैं।
उन्होंने बताया कि 9 वर्ष में प्रदेश की जीएसपी तीन गुना बढ़ी है। थ्रेट कॉरिडोर से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरिडोर तक मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क बन चुका है। निवेशक कहीं भी निवेश कर सकते हैं और ऑनलाइन इंसेंटिव वितरण की व्यवस्था है।
सीएम ने कहा कि वीवर केवल सप्लायर न बनें बल्कि ब्रांड मालिक बनें। सरकार टेक्सटाइल पॉलिसी को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लेगी। यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और बाजार के लिहाज से तैयार है। प्रधानमंत्री मित्र पार्क और अन्य पांच पार्क इसकी शुरुआत हो सकते हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे और वहां आने वाले बच्चे अपना टाट लेकर आते थे। अब आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9 साल पहले तक लोगों को पहचान का संकट था, लेकिन अब स्थिति बेहतर हुई है।
सरकार की प्रतिबद्धता और निवेश के अवसर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में जितनी घोषणाएं होती हैं, उन्हें 100 फीसदी लागू किया जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं स्कीम मॉनिटरिंग करता है। निवेशकों को सुरक्षा दी जाती है और निजी सेक्टर को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को देश का मॉडल बनाया जा सकता है। उद्योगपति अश्विन चंद्र ने सरकार के कदम की सराहना की। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दो योजनाओं में करीब छह हजार भूखंडों की बुकिंग खोली जाएगी।
ग्लोबल टेक्सटाइल हब पर आधारित यूपी टेक्स कॉन्क्लेव टेक्सटाइल का नया अध्याय बनेगा
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैगिंग मिली है
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान क्या है?
- वेदिक साहित्य और महाभारत में प्रदेश के वस्त्रों का उल्लेख मिलता है, जो उत्तर प्रदेश की प्राचीन टेक्सटाइल विरासत को दर्शाता है।
- प्रदेश में हथकरघा उद्योग का क्या महत्व है?
- हथकरघा बुनकर टेक्सटाइल क्षेत्र के असली नायक माने जाते हैं और यह कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है।
- प्रदेश में अपराध और माफिया से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
- 2017 से जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है जिससे व्यापारी और निवेशक सुरक्षित हैं और कोई माफिया खुलेआम पिस्टल लहराकर नहीं घूम सकता।
- टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश को कैसे प्रोत्साहित किया जा रहा है?
- मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी नेट्वर्क बना है और निवेशकों को ऑनलाइन इंसेंटिव वितरण की सुविधा दी जा रही है।
- आंगनबाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण कैसे हुआ है?
- पहले जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र अब स्मार्ट हो गए हैं और पिछले 9 वर्षों में लोगों की पहचान की समस्या भी कम हुई है।
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