सीएम योगी ने चित्रकूट में बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावितों को 50 किलो की राहत किट वितरित की। प्रशासन ने 800 परिवारों को सहायता दी है और बेघर परिवारों के लिए आवास एवं आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। नदी का जलस्तर पिछले 23 वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और संपर्क बंद हो गया है।
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चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और वहां रह रहे पीड़ितों से सीधे बातचीत की। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभावितों को 26 प्रकार के सामानों वाली 50 किलो की राहत किट वितरित की।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा और समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में मंदाकिनी, बाल्मीकि और बरदहा नदियों के उफान से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी वे इसी विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और प्रभावित लोगों तक सरकारी मदद समय पर पहुंचाने पर जोर दिया।
इसके तहत 800 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई और बेघर परिवारों को आवास के लिए जमीन आवंटन प्रमाण पत्र तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन और राहत टीमों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता राहत कार्यों में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान के मद्देनजर पात्र परिवारों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
राहत सामग्री और स्थानीय हालात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले राहत में केवल सूखी ब्रेड मिलती थी, जबकि अब 50 किलो की राहत किट में 26 प्रकार के सामान होते हैं। इस किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, ढाई किलो तेल, दो किलो कच्चा चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी और तिरपाल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पानी के फैलाव से सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के काटने की शिकायतें आ रही हैं, इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर पिछले 23 वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर गया है, जिससे रामघाट सहित कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। घाट किनारे स्थित सैकड़ों दुकानें, मंदिर और मठ पानी में डूब चुके हैं। नदी से सटे कस्बों और गांवों की सड़कें जलमार्ग में तब्दील हो गई हैं, जिससे संपर्क कट गया है।
वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक रह रहे हैं। 21 राहत शिविरों में इन सभी को रखने की व्यवस्था की गई है।
संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित व्यक्ति तक समय पर मदद पहुंचाना, बेघरों का पुनर्वास करना और पीड़ितों को सहारा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
उस समय न बच्चों के लिए दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
- बेघर परिवारों को जमीन आवंटन प्रमाण पत्र और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी ताकि उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
- राहत किट में क्या-क्या सामान शामिल हैं?
- राहत किट में आटा, चावल, तेल, कच्चा और भुना चना, चीनी, बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, साबुन, बाल्टी, तिरपाल आदि 26 प्रकार के सामान शामिल हैं।
- बाढ़ से जुड़ी किन खतरों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए?
- पानी के फैलाव से सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के काटने की शिकायतें बढ़ी हैं इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
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