मोहसिन रजा बने यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, मिलेगा कैबिनेट दर्जा
योगी सरकार ने पूर्व मंत्री को नई जिम्मेदारी सौंपी, वक्फ संपत्तियों की जांच की मांग भी उठाई
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिसके साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिलेगा। रजा ने प्रदेश के वक्फ बोर्डों की संपत्तियों की जांच और ऑडिट की मांग की है, और आयोग अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके सामाजिक-आर्थिक विकास का काम करता है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 12 अगस्त को हुई मुलाकात में रजा ने प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्डों की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की थी।
मोहसिन रजा को इस नई जिम्मेदारी के साथ कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया जाएगा। वह इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री रह चुके हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी और पार्टी के प्रवक्ता भी रहे। वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था।
रजा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात में प्रदेश के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश में दो लाख से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं, जो अब करीब 1.27 लाख रह गई हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर वक्फ बोर्डों के उचित ऑडिट न होने और संपत्तियों के रिकॉर्ड से गायब होने या अवैध कब्जे का आरोप लगाया। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।
अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्षता मिलने के बाद रजा की प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। आयोग का काम अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन या उत्पीड़न से जुड़े मामलों की शिकायत सुनना और उसका निस्तारण करना है। इसके साथ ही यह आयोग राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास कार्यों का मूल्यांकन करता है तथा संविधान और कानूनों द्वारा दिए गए संरक्षण और अधिकारों की निगरानी करता है।
रजा का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले खेल और मनोरंजन की दुनिया से जुड़ा रहा है। वह रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से क्रिकेट खेल चुके हैं और मॉडलिंग तथा अभिनय में भी रुचि रखते हैं। वर्ष 1995 में उन्हें 'प्रिंस लखनऊ' का खिताब मिला था।
अल्पसंख्यक आयोग के साथ रजा के साथ आठ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें संपदी जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रुमाना सिद्दीकी शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मोहसिन रजा की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
- रजा 2014 में भाजपा में शामिल हुए और पार्टी प्रवक्ता रहे। वे पूर्व में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री थे।
- अल्पसंख्यक आयोग की मुख्य जिम्मेदारी क्या है?
- आयोग अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन या उत्पीड़न से जुड़े मामलों की शिकायत सुनता है और समुदायों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक विकास का मूल्यांकन करता है।
- मोहसिन रजा ने वक्फ बोर्डों को लेकर क्या आरोप लगाए?
- उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हो गई हैं या अवैध कब्जे में हैं, और पिछले सरकारों ने उचित ऑडिट नहीं कराया।
- मोहसिन रजा की खेल और मनोरंजन में क्या दिलचस्पी रही है?
- वे रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से क्रिकेट खेल चुके हैं और मॉडलिंग एवं अभिनय में भी रुचि रखते हैं।
- अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य कौन-कौन हैं?
- आयोग में मोहसिन रजा के अलावा आठ सदस्य हैं, जिनमें संपदी जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी सहित अन्य शामिल हैं।
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