12 सितंबर को जमशेदपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
पांच हजार से अधिक मामलों के त्वरित निपटारे का लक्ष्य, बैंक ऋण और ट्रैफिक चालान शामिल
12 सितंबर को जमशेदपुर के सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी, जिसमें पांच हजार से अधिक सुलहनीय मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। इस लोक अदालत में बैंक ऋण, ट्रैफिक चालान और अन्य मामलों का आपसी समझौते से समाधान किया जाएगा। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को लोक अदालत तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
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सिद्धार्थनगर। जमशेदपुर के सिविल कोर्ट परिसर में 12 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस लोक अदालत में पांच हजार से अधिक सुलहनीय मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में यह वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत होगी।
लोक अदालत में बैंक से संबंधित ऋण मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। बैंक ऑफ इंडिया की पटमदा शाखा में 10 सितंबर तक एनपीए खाताधारक एकमुश्त ऋण समझौते का प्रस्ताव दे सकते हैं, जिसे बैंक अपनी नीति के अनुसार विचार करेगा। शाखा प्रबंधक अनुपम कुमारी ने सभी खाताधारकों से समय पर बैंक शाखा से संपर्क कर ऋण निपटारे की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों के निष्पादन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वाहन स्वामी अपने लंबित ट्रैफिक ई-चालानों का आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निष्पादन करा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को लम्बित चालानों से राहत देना और पुराने मामलों का सरल, पारदर्शी एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
लोक अदालत के लिए कुल 20 बेंच गठित किए गए हैं, जिनमें से 15 बेगूसराय मुख्यालय, चार बखरी, मंझौल, तेघड़ा और बलिया तथा एक बरौनी रेलवे न्यायालय में कार्यरत होंगे। ई-चालान मामलों के लिए टाउन हॉल में विशेष बेंच लगेगा, जहां नियमानुसार 50 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को लोक अदालत में पहुंचाने के लिए प्रशासन एवं संबंधित थानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। पीएलवी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ऋषिकांत ने बताया कि इसमें न्यायालय में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन किया जाएगा। एक सितंबर से प्री-लिटिगेशन एवं प्री-सिटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू है।
उन्होंने लोगों से लोक अदालत में पहुंचकर मामलों का समाधान कराने की अपील की। डीएलएसए सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करूणानिधि प्रसाद भी मौके पर मौजूद थे।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने व्यवहार न्यायालय परिसर बिरौल में कैंप कोर्ट के उपरांत सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की और नोटिसों का शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
इस कार्य में पारा विधिक स्वयंसेवकों, पीसी शाखा के अधिकारियों एवं कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने स्तर से नोटिस समय पर पक्षकारों तक पहुंचाएं। न्यायालय कर्मियों एवं अन्य हितधारकों को भी लोक अदालत में हरसंभव सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य क्या है?
- यह न्यायालय लंबित और प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटान करता है।
- बैंक ऑफ इंडिया का क्या रोल है?
- बैंक पटमदा शाखा में एनपीए खाताधारक ऋण समझौते का प्रस्ताव दे सकते हैं, जिसे बैंक नीति के अनुसार देखेगा।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
- प्रशासन और थानों को निर्देश दिए गए हैं और पीएलवी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
- लोक अदालत की तैयारियों के लिए क्या समीक्षा हुई?
- सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई, और नोटिसों के शत-प्रतिशत तामिला का निर्देश दिया गया।
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