विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस विभिन्न जिलों में मनाया गया
सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कार्यक्रम आयोजित हुए
विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस कई जिलों में समारोह के साथ मनाया गया, जिसमें समाज में एकता, समरसता और सनातन धर्म की रक्षा पर चर्चा हुई। विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक समरसता के लिए काम करने का संकल्प लिया।
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शुक्रवार को कई जिलों में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस मनाया गया। इकौना के रामलीला मैदान और सिरसिया के बाबा नागेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें समाज में समरसता और सनातन धर्म की रक्षा पर चर्चा हुई।
इकौना में जिला अध्यक्ष रघुपति पांडेय की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ, जिसमें जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर समाज को एकजुट करने पर जोर दिया गया। सिरसिया में हिंदू समाज की एकता और संस्कृति की रक्षा का आह्वान किया गया। इस मौके पर राजकुमार सोनी, अजीत प्रताप सिंह और अजय जायसवाल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ सहित कई जिलों से पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्वयंसेवक पहुंचे। इसमें सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता, जागरूकता, सेवा और संगठन विस्तार पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य महाराज ने सनातन संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने पर विचार व्यक्त किए। राजकुमार दास ने समाज में एकजुटता और संस्कारों को बढ़ाने की बात कही। इंद्रेश कौशिक महाराज ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और समाज को जागरूक करने की आवश्यकता बताई।
युवा, महिला, व्यापारी और समाज के सभी वर्गों को जोड़कर सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता के लिए काम करने का आह्वान किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने परिषद के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और आगामी योजनाओं पर विचार रखे। उन्होंने संगठन को राष्ट्रीय से वार्ड स्तर तक मजबूत करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास करने की बात कही।
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। श्री सोमेश शिक्षा निकेतन, कोटरा, बिसवां, सीतापुर के बच्चों ने मिशन सिंदूर पर आधारित प्रस्तुति दी, जबकि आरंभ सेवा संस्थान, सीतापुर के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अंत में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता, राष्ट्रहित और समाजसेवा के लिए निरंतर काम करने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष सनातनी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साधना सनातनी, प्रदेश संयोजक कुलदीप सनातनी, समीक्षा सिंह समेत राष्ट्रीय, प्रदेश, प्रांत, मंडल, जिला, प्रखंड और वार्ड स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
विश्व हिंदू परिषद का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों को दूर करना, सनातन धर्म की रक्षा करना और समाज में समरसता स्थापित करना है। महासचिव मुकेश सनातनी ने कहा, "समाज की सबसे बड़ी ताकत एकता, जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर किन विषयों पर चर्चा हुई?
- कार्यक्रम में जाति-पाति भेदभाव मिटाकर सामाजिक एकता, सनातन संस्कृति संरक्षण, जागरूकता और सेवा पर चर्चा हुई।
- कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने क्या संदेश दिया?
- मुख्य अतिथियों ने सनातन संस्कृति, सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने और परंपराओं के संरक्षण पर विचार साझा किए।
- कार्यक्रम में किन जिलों से लोग शामिल हुए?
- बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ सहित कई जिलों से पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्वयंसेवक पहुँचे।
- बच्चों ने किस तरह की प्रस्तुतियां दीं?
- श्री सोमेश शिक्षा निकेतन के बच्चों ने मिशन सिंदूर पर आधारित प्रस्तुति दी, जबकि आरंभ सेवा संस्थान के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
- डॉ. राकेश कुमार ने संगठन के लिए क्या योजनाएं बताई?
- उन्होंने संगठन को राष्ट्रीय से लेकर वार्ड स्तर तक मजबूत करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास करने की बात कही।
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