बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों और रोहिणी घावरी के बीच झड़प
सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोक दिया, समर्थकों में हुई धक्कामुक्की और नारेबाजी
बाराबंकी में सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका और विवादित स्थिति में दोनों पक्षों को अलग किया गया। रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर निजी और राजनीतिक स्तर पर धोखा देने का आरोप लगाया है।
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बाराबंकी। बाराबंकी में सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी के समर्थकों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने चंद्रशेखर को रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला।
चंद्रशेखर आजाद गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए लखनऊ से लगभग 1 हजार कार्यकर्ताओं के साथ जा रहे थे। रामनगर में पुलिस ने 100 से अधिक जवानों के साथ बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोगों ने चंद्रशेखर के कार्यकर्ताओं पर पत्थर और जूते फेंके। समर्थकों ने 'चंद्रशेखर रावण मुर्दाबाद' और 'रोहिणी घावरी को इंसाफ दो' के नारे लगाए।
चंद्रशेखर और रोहिणी के समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसे संभालने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने रोहिणी के समर्थकों को हटाया और चंद्रशेखर को निरीक्षण भवन के पास ले आई। लगभग 20-25 मिनट बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ लौट गए। इस बीच पुलिस दोनों पक्षों को संभालने में लगी रही।
विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर वहां से निकल गईं। उन्होंने कहा, "आरोपियों को बिना किसी दबाव के गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा-सुरक्षा दी जाए। अगर आरोपियों को बचाने के लिए किसी स्तर से दबाव बनाया गया तो परिवार के साथ खड़ी होकर लड़ाई लड़ूंगी।" उन्होंने विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर कहा कि हत्या के तरीके से पीड़ित वर्ग डर चुका है और सरकार तथा सत्ता के संरक्षण में रहने वाला समुदाय पीड़ितों पर इस तरह हमला कर रहा है जैसे इंसान की कोई कीमत नहीं रह गई हो।
कार्यकर्ताओं में भिड़ंत के बाद चंद्रशेखर नाराज हो गए और उन्होंने सीओ से कहा कि पहले आरोपियों को बुलाया जाए, फिर बात होगी। सीओ ने जवाब दिया कि आपके सामने ही बात होगी। चंद्रशेखर ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनके कार्यकर्ताओं पर लाठी से हमला किया है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे लेकिन कार्यकर्ताओं को परेशानी नहीं होने देंगे।
रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर आरोप लगाया कि शादीशुदा और एक बच्चे के पिता होने के बावजूद उन्होंने उनसे झूठ बोला और शादी का भरोसा दिया। उनका दावा है कि चंद्रशेखर ने उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने चंद्रशेखर को राजनीति में स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद भी की थी। दोनों ने दलित समाज को सम्मान दिलाने का सपना साथ देखा था, लेकिन सांसद बनने के बाद रोहिणी को चंद्रशेखर की असलियत का पता चला।
रोहिणी ने बताया कि कई अन्य लड़कियों के साथ भी चंद्रशेखर ने इसी तरह व्यवहार किया। उन्होंने महिला आयोग और दिल्ली के रोहिणी थाने में शिकायत दी, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। रोहिणी ने अपने अभियान को जातिगत न्याय के सवाल से जोड़ दिया है।
पल्लवी पटेल ने कहा, "यूपी में आज सरहदों पर आतंकवादियों से ज्यादा खतरा ‘जातंकवादियों’ से है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- चंद्रशेखर आजाद गोंडा क्यों जा रहे थे?
- वे कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे थे।
- रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर क्या आरोप लगाए?
- उन्होंने शादीशुदा होने के बावजूद झूठ बोलने और शारीरिक-मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया।
- रोहिणी ने किससे शिकायत दर्ज कराई लेकिन एफआईआर नहीं हुई?
- उन्होंने महिला आयोग और दिल्ली के रोहिणी थाने में शिकायत दी।
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