यूपी में 11 IAS-PCS अफसरों के तबादले, बहराइच-जालौन के डीएम बदले
राजेश कुमार पांडेय बहराइच के नए जिलाधिकारी, समीर जालौन के डीएम बने
उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 IAS-PCS अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें बहराइच के नए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और जालौन के नए जिलाधिकारी समीर शामिल हैं। प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की है। लखनऊ में इलाज के दौरान गोंडा के एक व्यापारी की मौत पर मंत्री संजय निषाद धरने पर बैठे।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात करीब 10:30 बजे 11 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए। इसमें बहराइच और जालौन के जिलाधिकारी बदले गए हैं। राजेश कुमार पांडेय को बहराइच का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि समीर को जालौन का डीएम बनाया गया है।
राजेश कुमार पांडेय ने बहराइच में 2014 बैच के आईएएस अक्षय त्रिपाठी की जगह ली है। अक्षय को केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुए ओराम का निजी सचिव बनाया गया है। इस नियुक्ति को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 8 अगस्त को मंजूरी दी थी। समीर 4 मई, 2026 से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेष सचिव और यूपीडेस्को के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
प्रदेश सरकार ने प्रांतीय प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। भारतखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कुल सचिव और संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक सुशील प्रताप सिंह को लखनऊ विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव अतुल कुमार को भारतखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कुल सचिव और संस्कृति निदेशकालय का अपर निदेशक बनाया गया है।
प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में 21 जिलों में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच कराई गई है और अब बाकी 54 जिलों में भी यह जांच की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम की जांच प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। वाराणसी में छह मंडलों के जिलों के अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी जिसमें ईवीएम बनाने वाली कंपनी के इंजीनियर भी शामिल होंगे। 14 सितंबर को लखनऊ में सात मंडलों के जिलों के अधिकारियों की कार्यशाला होगी। चुनाव से पहले ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच को महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है ताकि मशीनों की तकनीकी स्थिति और क्रियाशीलता सुनिश्चित की जा सके।
गोंडा के एक व्यापारी की लखनऊ में इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर मौत हो गई। सूचना मिलने पर मंत्री संजय निषाद केजीएमयू पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा, "पुलिस हत्यारों को पकड़े या एनकाउंटर करे।" इस दौरान बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी भी मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अक्षय त्रिपाठी को नई जिम्मेदारी कब मिली?
- अक्षय त्रिपाठी को केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री का निजी सचिव बनाया गया है।
- समीर पिछले पद पर कब से थे?
- समीर 4 मई 2026 से आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव और यूपीडेस्को के प्रबंध निदेशक थे।
- ईवीएम की जांच क्यों महत्वपूर्ण है?
- ईवीएम की जांच से मशीनों की तकनीकी स्थिति और क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाती है।
- सुषील प्रताप सिंह की नई पोस्ट क्या है?
- सुषील प्रताप सिंह को लखनऊ विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है।
- वाराणसी और लखनऊ में क्या आयोजन होंगे?
- वाराणसी में छह मंडलों की कार्यशाला और लखनऊ में 14 सितंबर को सात मंडलों की कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें ईवीएम कंपनी के इंजीनियर शामिल होंगे।
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