हूतियों के हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ा
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते जहाज पर हमला, तेल आपूर्ति खतरे में
पश्चिम एशिया में हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण तनाव बढ़ गया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते एक जहाज पर हमला शामिल है जिससे तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई है और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के खतरे की चेतावनी दी है।
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रॉयटर्स। पश्चिम एशिया में हूतियों के हमलों के बाद तनाव फिर बढ़ गया है। रविवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते एक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। इससे तेल की आपूर्ति में रुकावट का खतरा बढ़ गया है।
ब्रिक्स देशों की अपील के बावजूद क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। ईरान ने कहा है कि उसके तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और चालक दल के चार सदस्य घायल हुए। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड आपरेशंस ने जहाज के चालक दल की स्थिति और नुकसान का आकलन अभी नहीं किया है। उसने जहाजों को सावधानी से आगे बढ़ने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है।
सऊदी अरब के जाजान प्रांत में हूती विद्रोहियों ने हालिया हमलों में घरों और एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पड़ोसी प्रांत में सऊदी सैन्य अड्डे पर भी हमला किया। पिछले हफ्ते से दक्षिणी सऊदी शहरों में अलर्ट जारी था, जो शुक्रवार को ड्रोन हमलों में बदला। इन हमलों ने 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को ठप कर दिया है, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे बिना पश्चिम एशिया के तेल की वैश्विक आपूर्ति का मुख्य मार्ग था।
हूती विद्रोहियों ने पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया, जो बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के बीच स्थित है और लाल सागर के मुहाने को नियंत्रित करता है। कारोबारियों ने बताया कि सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह में तेल इतना है कि पाइपलाइन बंद रहने पर निर्यात पांच से सात दिनों तक ही जारी रह सकता है। इससे दुनियाभर में तेल आपूर्ति का चार प्रतिशत हिस्सा खतरे में पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार पाइपलाइन की मरम्मत में कुछ दिन से हफ्ते लग सकते हैं। पश्चिम एशिया के युद्ध में पिछले दो हफ्तों में तेजी आई है। इराक ने प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही है, जबकि बहरीन ने किसी भी ईरानी अधिकारी से मुलाकात से इनकार किया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ओमान के साथ समझौते के बावजूद ईरान तब तक होर्मुज को नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका उसकी मांगें पूरी नहीं करता।
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सैन्य मदद मांगी थी, लेकिन फिलहाल केवल खुफिया सहायता का प्रस्ताव मिला है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "उनकी सेनाएं लाल सागर के तट पर लौटेंगी और जवाबी कार्रवाई करेंगी।"
ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से बात की थी और कहा कि हूतियों ने भी अमेरिका को यमन युद्ध से दूर रहने को कहा है।
पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई है और चेतावनी दी है कि हूती हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने फोन पर क्राउन प्रिंस से समर्थन व्यक्त किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- होर्मुज स्ट्रेट पर हालिया हमले में क्या नुकसान हुआ?
- ईरान के अनुसार एक व्यक्ति की मौत हुई और चालक दल के चार सदस्य घायल हुए हैं।
- सऊदी अरब की पाइपलाइन कब तक बंद रह सकती है?
- पाइपलाइन की मरम्मत में कुछ दिन से हफ्ते लग सकते हैं।
- पाकिस्तान ने हूती हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- पाकिस्तान ने इन्हें क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बताया।
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए क्या शर्त रखी है?
- ईरान तब तक होर्मुज को नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका उसकी मांगें पूरी नहीं करता।
- सऊदी अरब ने अमेरिका से किस तरह की मदद मांगी?
- सऊदी अरब ने सैन्य मदद मांगी, लेकिन फिलहाल केवल खुफिया सहायता प्राप्त हुई है।
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