इराकी ड्रोन हमले के बाद सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की
इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर सऊदी ने जवाबी कार्रवाई टाली, लाल सागर में हूतियों का दबदबा बढ़ा
सऊदी अरब ने 12 सितंबर को इराकी ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन अस्थायी रूप से बंद कर दी है। इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर सऊदी ने फिलहाल कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है। इस हमले ने तेल बाजार पर असर डाला और कच्चे तेल की कीमत बढ़ गई है।
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लाल सागर चोक। सऊदी अरब ने 12 सितंबर को इराकी ड्रोन हमले के बाद अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर रियाद ने फिलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है।
ड्रोन हमले और पाइपलाइन बंद
सऊदी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद और मदीना इलाकों में ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर कई ड्रोन से हमला किया गया। इसके बाद सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि मौजूदा पाइपलाइन क्षमता अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। पाइपलाइन के पास मौजूद पंपिंग स्टेशन तबाह हो गया और कुछ लोग घायल हुए। यह पाइपलाइन फारस की खाड़ी के पास अबकैक से लाल सागर के यनबू तक तेल पहुंचाती है, जो होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद सऊदी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
इराक और सऊदी के बीच तनाव
इराकी सरकार ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगी और अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगी। जांच में पता चला कि ड्रोन इराकी क्षेत्र से छोड़े गए थे। इसके बाद इराकी सेना के एक कमांडर को पद से हटा दिया गया। इराक के प्रधानमंत्री ने सऊदी से फिलहाल जवाबी हमला नहीं करने का अनुरोध किया।
हूतियों का लाल सागर में दबदबा
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। उन्होंने मोखा बंदरगाह और मायून (पेरिम) द्वीप पर कब्जा किया है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और स्वेज नहर से जोड़ने वाले मार्ग के बीच स्थित है। इस मार्ग से दुनिया भर के करीब 12% माल की ढुलाई होती है, जिससे वैश्विक व्यापार को खतरा बढ़ गया है। सऊदी अरब ने मोखा एयरपोर्ट पर हवाई हमले किए, लेकिन किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और वैश्विक असर
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति से दो बार फोन पर बातचीत कर हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की मांग की। अमेरिका फिलहाल सीधे हस्तक्षेप के बजाय सऊदी को समर्थन दे रहा है और लाल सागर के समुद्री मार्ग को खुला रखने पर जोर दे रहा है। अगस्त में सऊदी, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच रक्षा समझौते के तहत किसी एक पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा, लेकिन पाकिस्तान ने फिलहाल कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करने का स्पष्ट किया है। तेल बाजार में इस हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
राज्य अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
सऊदी विदेश मंत्रालय
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इराकी ड्रोन हमले की जांच किसने की और क्या पाया गया?
- जांच में पता चला कि ड्रोन इराकी क्षेत्र से छोड़े गए थे और इसके बाद इराकी सेना के एक कमांडर को पद से हटा दिया गया।
- सऊदी अरब और अमेरिका के बीच हूतियों के खिलाफ क्या सहयोग हो रहा है?
- सऊदी क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति से दो बार बात की और अमेरिका फिलहाल सऊदी को समर्थन दे रहा है, लेकिन सीधे सैन्य हस्तक्षेप नहीं कर रहा।
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