सुजानगढ़ नगर परिषद में बीजेपी ने 31, कांग्रेस 9 सीटें जीतीं
निर्दलीय ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की, कई दंपतियों ने चुनाव में बाज़ी मारी
सुजानगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव में भाजपा ने 31, कांग्रेस ने 9 और निर्दलीयों ने 20 सीटें जीतीं। कई प्रमुख उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। परिणामों में स्थानीय राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों की गंभीर भागीदारी देखी गई।
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चूरू। सुजानगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में हुए चुनाव के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए गए। भाजपा ने 31 सीटों पर जीत हासिल की जबकि कांग्रेस को 9 सीटें मिलीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की।
कांग्रेस के टिकट पर वार्ड 7 से अर्चना मारोठिया और वार्ड 9 से उनके पति अमित मारोठिया पार्षद चुने गए। वार्ड 21 से जावेद खींची और वार्ड 10 में उनकी पत्नी रुबीना खातून ने निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की।
बीजेपी के टिकट पर वार्ड 35 से बाबूलाल कुलदीप और वार्ड 36 से पुष्पा कुलदीप विजयी रहे। वे दिवंगत कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के खास सहयोगी माने जाते थे।
वार्ड 14 से निर्दलीय सुशीला और वार्ड 17 से कांग्रेस की भंवरी देवी चुनाव हार गईं। वहीं, बीजेपी के गोरधन लाल (वार्ड 8) और राजकुमार तंवर (वार्ड 9) को हार का सामना करना पड़ा।
बीजेपी की संभावित सभापति दावेदार सोना प्रजापत को हार मिली। निर्दलीय लक्ष्मी प्रजापत को बराबर 330 वोट मिलने के बाद लॉटरी से जीत मिली।
वार्ड 26 में भाजपा के बुजुर्ग नेता बुद्धिप्रकाश सोनी तीसरे नंबर पर रहे। वार्ड 40 में निर्दलीय फारूक भुट्टा एक वोट से चुनाव जीत गए।
वार्ड 11 में कांग्रेस के दिग्गज सभापति नीलोफर गौरी के ससुर इदरीश गौरी को निर्दलीय एडवोकेट सलीम खान ने 900 से अधिक वोटों से हराकर इतिहास रच दिया।
वार्ड 11 से सलीम खान और वार्ड 12 से इमरान छींपा की जीत पर अभिभाषक संघ ने स्वागत किया। इस दौरान एडवोकेट सुरेश शर्मा, निरंजन सोनी, प्रदीप कठातला, दशरथ सिंह, हरीश गुलेरिया, रजाक खान, तोलाराम गोदारा, हरीश पांडिया, रणजीत खान, बीरबल सारण और दिनेश दाधीच मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कांग्रेस के कौन से पति-पत्नी पार्षद चुने गए?
- अर्चना मारोठिया वार्ड 7 से और उनके पति अमित मारोठिया वार्ड 9 से चुने गए।
- वार्ड 11 में सबसे बड़ी जीत कौन सी हुई?
- निर्दलीय एडवोकेट सलीम खान ने कांग्रेस के नीलोफर गौरी के ससुर इदरीश गौरी को 900 से अधिक वोटों से हराया।
- फारूक भुट्टा ने किस तरह जीत हासिल की?
- वार्ड 40 में फारूक भुट्टा ने एक वोट के अंतर से चुनाव जीता।
- लक्ष्मी प्रजापत को जीत कैसे मिली?
- लक्ष्मी प्रजापत और उनके विरोधी को बराबर 330 वोट मिलने पर लॉटरी से जीत मिली।
- बीजेपी के दिवंगत मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल से कौन जुड़े हैं?
- वार्ड 35 के बाबूलाल कुलदीप और वार्ड 36 की पुष्पा कुलदीप मास्टर भंवरलाल मेघवाल के खास सहयोगी माने जाते हैं।
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