ट्रॉमा के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है
नई रिसर्च में 2,19,866 वयस्कों पर अध्ययन, शराब का सेवन सबसे बड़ा जोखिम
एक नए शोध में पाया गया है कि बड़े मानसिक सदमे या तनाव के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन में 2,19,866 वयस्कों का विश्लेषण किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के कारणों और उनसे जुड़े कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों की पहचान की गई। इसके अलावा, अत्यधिक शराब सेवन को दिल की बीमारियों से जुड़ी प्रमुख मानसिक समस्या माना गया है।
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एक नई रिसर्च में पता चला है कि जीवन में किसी बड़े सदमे या दर्दनाक अनुभव के बाद मानसिक परेशानियां दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं। इस अध्ययन में 2,19,866 वयस्कों को शामिल किया गया, जिनमें से करीब 44,000 को हार्ट अटैक या स्ट्रोक हुआ।
शोध के अनुसार, अचानक आग लगना, धमाका, शारीरिक हमला, करीबी की मौत या गंभीर बीमारी जैसी घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं। इन मानसिक विकारों का सीधा संबंध दिल की बीमारियों से पाया गया है। वैज्ञानिकों ने कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं के पीछे मानसिक स्वास्थ्य को एक संभावित कारण माना है।
इस अध्ययन में मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग कर मानसिक स्वास्थ्य के 15 प्रमुख कारणों की पहचान की गई। सबसे बड़ा जोखिम अत्यधिक शराब सेवन को माना गया है। शोधकर्ता समनर बताती हैं कि शराब की लत दिल की बीमारियों से जुड़ी सबसे खतरनाक मानसिक समस्या है।
शोध में यह भी सामने आया कि कई लोगों को दिल तक खून का बहाव फिर से शुरू करने के लिए विशेष इलाज की जरूरत पड़ी या उनकी मौत हो गई। इस तुलना में बीमार लोगों की स्थिति सुरक्षित लोगों से काफी अलग थी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह अध्ययन कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं को कैसे जोड़ता है?
- यह अध्ययन बताता है कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं कार्डियोवैस्कुलर रोगों का संभावित कारण हो सकती हैं।
- दिल की बीमारियों वाले लोगों का इलाज कौन सा होता है?
- कई मरीजों को दिल तक रक्त प्रवाह पुनः शुरू करने के लिए विशेष इलाज की जरूरत पड़ती है।
- शोध में कुछ मौतों का भी उल्लेख है, क्यों?
- कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई, जो मानसिक और शारीरिक कारणों से जुड़ी है।
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