झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बाद वे सरकार में दूसरे सबसे ताकतवर नेता थे
झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का 5 सितंबर को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता थे और कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी मृत्यु से प्रदेश के सियासी और सामाजिक माहौल में शोक की स्थिति बनी हुई है।
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झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का 5 सितंबर को हार्ट अटैक से निधन हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बाद उन्हें सरकार में दूसरा सबसे भरोसेमंद और ताकतवर नेता माना जाता था। उनके असामयिक निधन से प्रदेश के सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता थे और उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। वे नगर विकास विभाग के साथ-साथ पर्यटन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे थे, जो उनके प्रति भरोसे को दर्शाता है।
उनके निधन की खबर से झामुमो परिवार और पार्टी कार्यकर्ता स्तब्ध और मर्माहत हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
सूचना के अनुसार, सुदिव्य कुमार सोनू 5 सितंबर को पूरी तरह सक्रिय थे और शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। वे गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि थे, जहां उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बात की और स्कूलों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
रात लगभग मध्यरात्रि के समय उनके सीने में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन इलाज शुरू किया, लेकिन वे बच नहीं सके।
सुदिव्य कुमार सोनू जनसेवा के क्षेत्र में अपने शांत, सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे आम जनता से सीधे जुड़ते और बिना औपचारिकता के उनकी समस्याएं सुनते थे। उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत भी की थी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- उनका निधन कैसे हुआ?
- रात लगभग मध्यरात्रि के समय सीने में तेज दर्द हुआ और उन्हें मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बावजूद वे बच नहीं सके।
- उन्होंने हाल में कौन-से कार्यक्रम में हिस्सा लिया था?
- वे गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि थे, जहां उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बात की।
- सोनू का जनता के साथ कैसा रिश्ता था?
- वे शांत, सहज और मिलनसार स्वभाव के थे और बिना औपचारिकता के लोगों की समस्याएं सुनते थे।
- उन्होंने प्रदर्शनकारियों से किस मुद्दे पर बातचीत की थी?
- उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी।
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