रेलवे ने सात हाई-डेंसिटी रूटों पर फोर-ट्रैक मंजूर किया
केंद्र सरकार ने 10,783 करोड़ रुपये की लागत से 656 किमी नई लाइनें जोड़ी जाएंगी
केंद्रीय कैबिनेट ने सात हाई-डेंसिटी रेलवे रूटों को फोर-ट्रैक करने की मंजूरी दी है, जिसके तहत लगभग 656 किलोमीटर नई लाइनें जोड़ी जाएंगी और 10,783 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में 4,790 गांवों को रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और ट्रेनों की क्षमता बढ़ाएंगी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने सात सबसे व्यस्त रेलवे रूटों को फोर-ट्रैक करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत करीब 656 किलोमीटर नई रेल लाइनें जोड़ी जाएंगी, जिन पर 10,783 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
परियोजनाओं का विस्तार और लाभ
इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को फायदा होगा। करीब 4,790 गांव बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे, जहां लगभग 56 लाख लोग रहते हैं। नई लाइनें यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को सुचारू बनाएंगी और मौजूदा रूट पर ट्रेनों के कंजेशन को कम करेंगी।
सरकार ने खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में बागडेही तक चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड में चौथी लाइन और बिलासपुर के उसलापुर-पेंड्रा रोड में तीसरी लाइन को मंजूरी दी है। इन मल्टीट्रैकिंग से ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी।
रेलवे के हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को क्वाड्रुपल करने की योजना में दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर भी शामिल है। कुल सात हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को चार-लेन किया जाएगा, जिससे ट्रैक क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में यातायात दबाव संभाला जा सकेगा।
इन परियोजनाओं से पुरी का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, तारातारिणी मंदिर और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के पूर्ण ओवरहाल और आधुनिकीकरण की दिशा में काम किया जा रहा है
अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फोर-ट्रैक परियोजनाओं से यात्रियों और मालगाड़ियों को क्या लाभ मिलेगा?
- यह परियोजनाएं ट्रेनों के कंजेशन को कम करेंगी और संचालन को सुचारू बनाएंगी, जिससे समय की बचत और बेहतर सेवा मिलेगी।
- प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी पर इसका क्या प्रभाव होगा?
- नई लाइनें पुरी का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, अमरकंटक जैसे स्थलों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।
- नई फोर-ट्रैकिंग परियोजनाओं का पहला चरण किस सेक्शन में शामिल है?
- खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में बागडेही तक चौथी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड तथा बिलासपुर के उसलापुर-पेंड्रा रोड में नई लाइनें शामिल हैं।
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