एनटीपीसी कोरबा की सभी सात इकाइयां बंद, सात राज्यों में बिजली प्रभावित
पॉवर ग्रिड की ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से 2600 मेगावाट उत्पादन ठप
छत्तीसगढ़ के कोरबा में एनटीपीसी जमनीपाली पावर स्टेशन की सातों इकाइयां इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण बंद हो गईं, जिससे 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया और सात राज्यों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। समस्या का समाधान करने के लिए तकनीकी टीम मौके पर कार्यरत है और सभी इकाइयों को फिर से चालू करने का प्रयास जारी है।
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जेएनएन। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एनटीपीसी जमनीपाली पावर स्टेशन की सभी सात इकाइयां शुक्रवार शाम इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण बंद हो गईं। इससे 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया और छत्तीसगढ़ समेत छह अन्य राज्यों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई।
एनटीपीसी के अधिकारी ऊष्मा घोष ने बताया कि पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड की टीम स्विच यार्ड में ब्रेकर टेस्टिंग कर रही थी। इसी दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की घटना हुई, जिससे संयंत्र की सभी इकाइयां एक के बाद एक ट्रिप हो गईं।
दोपहर करीब छह बजे हुई इस घटना के बाद ग्रुप महाप्रबंधक किशोर चंद्र महापात्र समेत वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी अमला मौके पर पहुंचकर खराबी का पता लगाने और सुधार कार्य शुरू करने लगे।
जमनीपाली स्टेशन में तीन इकाइयां 200-200 मेगावाट की और चार इकाइयां 500-500 मेगावाट की हैं, जिनसे कुल 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। इस तकनीकी गड़बड़ी से स्टेशन की आवासीय कालोनी भी अंधेरे में डूब गई है, हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति के प्रयास जारी हैं।
इस घटना से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, पंजाब, राजस्थान, दमन दीव, दादरा और नगर हवेली में भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
एनटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि सभी बंद इकाइयों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया जारी है और देर रात तक इनके परिचालन में आने की उम्मीद है।
2011 में भी कोरबा संयंत्र की छह इकाइयां अचानक बंद हो गई थीं, तब केवल 200 मेगावाट की एक इकाई चालू रह सकी थी। तब धनराश राखड़ बांध फूटने से राख भंडारण का विकल्प समाप्त हो गया था।
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की टीम एसएफ-6 ब्रेकर इंस्टॉल करने के लिए आवश्यक परीक्षण कर रही थी, तभी अचानक जर्क आने से सभी इकाइयां ट्रिप हो गईं।
एनटीपीसी के तकनीकी अमले और प्रबंधन के कर्मचारी संयंत्र में आई तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने में लगे हुए हैं ताकि बिजली उत्पादन जल्द शुरू हो सके।
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