सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को पांच करोड़ जमा करने का निर्देश दिया
फिल्म निर्माता मुरली प्रोजेक्ट्स से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों में राहत नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को पांच करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया है, जिससे उन्हें सरेंडर से छूट मिल सके। यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर सात शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें यादव, उनकी पत्नी और उनकी प्रोडक्शन कंपनी शामिल हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही यादव की दोषसिद्धि और जेल की सजा बरकरार रखी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को पांच करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर सात शिकायतों से जुड़ा है। अदालत ने यादव को सरेंडर से छूट पाने के लिए यह शर्त रखी है।
मामले का विवरण
यह मामला फिल्म निर्माता-फाइनेंसर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव और उनकी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ दायर सात चेक बाउंस शिकायतों से जुड़ा है। ये शिकायतें फिल्म 'अता पता लापता' के लिए जारी सात चेक बाउंस के बाद दर्ज कराई गई थीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को यादव की दोषसिद्धि और तीन महीने की जेल की सजा बरकरार रखी थी।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने यादव की याचिका पर मौखिक सुनवाई के बाद सशर्त नोटिस जारी किया। इससे पहले हाईकोर्ट ने यादव को आत्मसमर्पण की अंतिम तारीख 10 सितंबर तय की थी।
अदालत के आदेश और भुगतान
सुप्रीम कोर्ट ने यादव को चेक बाउंस मामलों में सरेंडर से छूट पाने के लिए पांच करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने यादव को सातों शिकायतों में शिकायतकर्ता को एक-एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने का भी आदेश दिया था। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अभिनेता द्वारा पहले ही अदा की गई लगभग दो करोड़ रुपये की राशि का समायोजन किया जाएगा।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने पांच साल से अधिक की देरी को माफ करने से इनकार किया था और यादव को भुगतान संबंधी अदालत को दिए गए आश्वासनों का पालन न करने पर फटकार लगाई थी। अदालत ने यादव को इस फैसले के खिलाफ अपीलीय अदालत का रुख करने के लिए दो महीने का समय भी दिया है।
अभिनेता की प्रतिक्रिया
हालांकि अदालत ने मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने के लिए गंभीर प्रयास किए, लेकिन अभिनेता ने अंततः कोई और भुगतान करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
अदालत
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सुप्रीम कोर्ट ने पांच करोड़ रुपये जमा करने का आदेश क्यों दिया?
- अदालत ने चेक बाउंस मामलों में सरेंडर से छूट पाने के लिए यह शर्त रखी है।
- अब अभिनेता राजपाल यादव के लिए आगे क्या कदम हो सकते हैं?
- अदालत ने यादव को अपने फैसले के खिलाफ अपीलीय अदालत का रुख करने के लिए दो महीने का समय दिया है।
- मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने क्या कार्रवाई की है?
- उन्होंने सात चेक बाउंस शिकायतें दायर की हैं, जो फिल्म 'अता पता लापता' के लिए जारी चेकों से संबंधित हैं।
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