प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ पर वैश्विक सुधार का संदेश दिया
नई दिल्ली में 12 सितंबर को शुरू हुए सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव और आम लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ पर वैश्विक व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई और ब्रिक्स के अगले 20 वर्षों के लिए नए एजेंडे और सहयोग की योजना बनाई है। उन्होंने डिजिटल निगरानी प्रणाली और युवा राजनयिकों के प्रशिक्षण सहित विभिन्न प्रस्तावों की भी बात की।
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नई दिल्ली। नई दिल्ली में 12 सितंबर को शुरू हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन की 20वीं वर्षगांठ पर दुनिया को साफ संदेश दिया कि ब्रिक्स की सबसे बड़ी प्राथमिकता आम लोग और मानवता होनी चाहिए। उन्होंने वैश्विक व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया।
ब्रिक्स की भूमिका और वैश्विक व्यवस्था में सुधार
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के 20 साल के सफर की तुलना इंसानी जीवन से करते हुए कहा कि 20 साल की उम्र में जिम्मेदारियां और क्षमता दोनों नई दिशा लेते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं है और इसका उद्देश्य सभी देशों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक शासन व्यवस्था को पिरामिड जैसा बताया, जिसमें ताकत और फैसले लेने की शक्ति कुछ जगहों पर केंद्रित है, जबकि विकासशील देशों की आवाज कमजोर है। इसलिए इस व्यवस्था को साझेदारी में बदलने की जरूरत है।
इसके लिए उन्होंने 10 प्रस्ताव तैयार करने की बात कही, जिनमें प्रतिनिधित्व, काम करने की क्षमता और नियम बनाने में समान भागीदारी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत को निश्चित समय सीमा और साफ नतीजे से जोड़ना होगा। उन्होंने वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में बदलाव की भी बात कही, ताकि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं को उचित भूमिका मिल सके।
ब्रिक्स के अगले 20 वर्षों के एजेंडे और सहयोग
पीएम मोदी ने ब्रिक्स के अगले 20 वर्षों के लिए नए और बड़े लक्ष्य वाले एजेंडे की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के फैसलों को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके क्रियान्वयन की लगातार निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए मौजूदा, पिछले और अगले अध्यक्ष देशों के समूह के जरिए सभी पहलों और फैसलों की आगे की निगरानी की जाएगी।
उन्होंने एक सुरक्षित डिजिटल संग्रह बनाने का सुझाव दिया, जिसमें हर फैसले के साथ जिम्मेदार अधिकारी, समय सीमा और लागू करने की स्थिति दर्ज की जाएगी। इससे पता चलेगा कि कौन सा फैसला कितना आगे बढ़ा है और कहां काम अटका है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण के देशों के युवा राजनयिकों और नीति बनाने वालों को बातचीत की कला, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानून से जुड़ी जानकारी देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
उन्होंने समुद्री नाविकों के लिए आपात मदद नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे संकट में फंसे नाविकों को तत्काल सूचना, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिल सकेगी।
पीएम मोदी ने सभी ब्रिक्स देशों की टीमों और प्रतिनिधियों के सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में उनका सक्रिय योगदान महत्वपूर्ण रहा।
भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान नए विचारों, आपसी सहयोग और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी है।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
ब्रिक्स को मजबूत करने के साथ-साथ दुनिया की व्यवस्था में सुधार की दिशा भी तय करनी होगी।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्रिक्स के 10 प्रस्तावों में किन प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है?
- 10 प्रस्तावों में प्रतिनिधित्व, काम करने की क्षमता और नियम बनाने में समान भागीदारी जैसी बातें शामिल हैं।
- ब्रिक्स के फैसलों की निगरानी कैसे की जाएगी?
- निगरानी के लिए मौजूदा, पिछले और अगले अध्यक्ष देशों के समूह का गठन किया जाएगा और एक डिजिटल संग्रह बनाया जाएगा जिसमें हर फैसले का विवरण, जिम्मेदार अधिकारी, समय सीमा और लागू करने की स्थिति दर्ज होगी।
- भविष्य में ब्रिक्स युवा राजनयिकों और नीति निर्माता कैसे तैयार करेगा?
- ब्रिक्स वैश्विक दक्षिण के युवा राजनयिकों और नीति निर्माताओं को बातचीत की कला, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कानून से संबंधित जानकारी प्रदान करेगा, जिसमें भारत नेतृत्व करेगा।
- समुद्री नाविकों के लिए भारत ने कौन सा नया प्रस्ताव रखा है?
- भारत ने समुद्री नाविकों के लिए एक आपात मदद नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा है जो संकट में फंसे नाविकों को सूचना, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित बचाव में मदद करेगा।
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