पाकिस्तान ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए कई बार आवेदन किया, भारत ने वीटो लगाया
पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि दर 3.70 प्रतिशत, ब्रिक्स में प्रवेश रोकने का कारण भारत का विरोध
पाकिस्तान ने ब्रिक्स समूह में शामिल होने के लिए कई बार आवेदन किया है, लेकिन भारत ने अपनी वीटो पावर का उपयोग कर उसकी सदस्यता को रोक रखा है। पाकिस्तान अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए इस समूह में शामिल होना चाहता है, जबकि ब्रिक्स में नए सदस्य के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की सहमति आवश्यक है।
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पिछले साल मिस्र। पाकिस्तान ने ब्रिक्स समूह में शामिल होने के लिए कई बार आवेदन किया है, लेकिन भारत ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर उसकी सदस्यता को रोक रखा है। देश की आर्थिक चुनौतियों के बीच पाकिस्तान इस समूह में शामिल होकर अपनी स्थिति सुधारना चाहता है।
पिछले साल मिस्र में ब्रिक्स समूह में इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन पाकिस्तान अभी तक इस समूह का हिस्सा नहीं बन पाया है। ब्रिक्स में सदस्यता के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान के प्रवेश पर वीटो लगाया है।
पाकिस्तान उन 29 देशों में शामिल है जिन्होंने ब्रिक्स सदस्यता के लिए आवेदन किया है। देश की अर्थव्यवस्था की चुनौतियां इस प्रयास का बड़ा कारण हैं। पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार देश की जीडीपी वृद्धि दर 3.70 प्रतिशत रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने ब्रिक्स समर्थित न्यू डेवलपमेंट बैंक में 580 मिलियन डॉलर का हिस्सा खरीदा है ताकि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पर निर्भरता कम कर सके।
नवंबर 2023 में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा था कि पाकिस्तान ब्रिक्स में शामिल होना चाहता है और हमारा मानना है कि ब्रिक्स में शामिल होकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और समावेशी बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पाकिस्तान के रूस में राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने बताया कि देश सदस्य देशों से समर्थन मांग रहा है, खासकर रूस से। मॉस्को और बीजिंग के समर्थन के बावजूद भारत के विरोध के कारण पाकिस्तान का ब्रिक्स में प्रवेश संभव नहीं हो पा रहा है।
भारत में ब्रिक्स सम्मेलन 11 सितंबर से शुरू हो रहा है, जिसमें तमाम देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत हुई, जिसमें दोनों देशों के भविष्य के बेहतर रास्ते खुलने के आसार बने हैं।
फिलहाल ब्रिक्स समूह दुनिया की करीब 49 प्रतिशत आबादी और खरीद शक्ति समता के आधार पर वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रखता है। इस समूह का निर्यात 48.8 प्रतिशत बढ़कर 64.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 95.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
नवंबर 2023 में विदेश कार्यालय की प्रवक्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि पाकिस्तान प्रमुख ग्लोबल साउथ ब्लॉक में शामिल होना चाहता है और देश के ज्यादातर ब्रिक्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने ब्रिक्स को विकासशील देशों का एक महत्वपूर्ण समूह बताया और पुष्टि की कि पाकिस्तान ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए औपचारिक अनुरोध किया है।
पाकिस्तान की सदस्यता के समर्थन के लिए राजदूत जमाली सदस्य देशों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन भारत ने वीटो पावर लगा रखा है। किसी नए सदस्य को शामिल करने के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की एकमत मंजूरी जरूरी होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्रिक्स में नए सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया क्या है?
- ब्रिक्स में किसी नए सदस्य को शामिल करने के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की एकमत मंजूरी आवश्यक होती है।
- पाकिस्तान ब्रिक्स में शामिल होकर क्या हासिल करना चाहता है?
- पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और समावेशी बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की भूमिका निभाना चाहता है।
- पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति ब्रिक्स सदस्यता के प्रयास को कैसे प्रभावित करती है?
- पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियां और 3.70 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर इसे ब्रिक्स सदस्यता के लिए प्रेरित करती हैं।
- क्या पाकिस्तान को अन्य ब्रिक्स सदस्यों का समर्थन प्राप्त है?
- पाकिस्तान विशेष रूप से रूस और चीन के समर्थन के साथ सदस्य देशों से समर्थन मांग रहा है।
- ब्रिक्स समूह की वैश्विक आर्थिक भूमिका क्या है?
- ब्रिक्स में करीब 49 प्रतिशत दुनिया की आबादी और खरीद शक्ति है, और इसका निर्यात 95.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
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