आइसा की नेहा बोरा ने सीएम योगी पर अशोभनीय कमेंट किए
नेहा बोरा ने युवाओं के मुद्दे उठाए और सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया
आइसा की नेहा बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर युवाओं को अच्छी शिक्षा और रोजगार देने में असफल रहने और हिंदू युवा वाहिनी को मुख्यमंत्री का 'पेट प्रोजेक्ट' बताने सहित कई आरोप लगाए। उन्होंने सरकार पर धर्म और तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया और कहा कि संगठन पूर्वांचल में दंगा कराने के लिए जाना जाता है। कार्यक्रम में छात्रों ने स्कूलों की समस्याओं की चिट्ठी सौंपकर समर्थन मांगा।
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आइसा की नेहा बोरा ने महाजुटान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, नौकरी और रोजगार देने में सफल नहीं रही है। साथ ही उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी को सीएम का 'पेट प्रोजेक्ट' बताया।
कार्यक्रम में छात्रों ने अपने स्कूलों की समस्याओं से जुड़ी चिट्ठी नेहा बोरा को सौंपी। उन्होंने भरोसा दिया कि इन मुद्दों को संगठन के मेनिफेस्टो में शामिल किया जाएगा और अलग-अलग शहरों व विश्वविद्यालयों में अभियान चलाया जा रहा है।
नेहा बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार अराजकता फैलाने और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तुष्टीकरण की राजनीति करती है। उन्होंने कहा, "सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, नौकरी और रोजगार देने में सफल नहीं रही है।" उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी को मुख्यमंत्री का 'पेट प्रोजेक्ट' बताया और इसके पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह पर भी आरोप लगाए।
अपने संबोधन में नेहा बोरा ने नाथूराम गोडसे का जिक्र करते हुए कहा कि आज भाजपा के लोग गोडसे की जय-जयकार करते हैं और आजाद भारत में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे को बचाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा, "सरकार को सड़कों पर नमाज पढ़ने से आपत्ति है, लेकिन थाने में जन्माष्टमी के दौरान उपद्रव होने पर कोई नाराजगी नहीं होती।"
कार्यक्रम के बाद जब उनसे पूछा गया कि मंच से अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करना उचित है या नहीं, तो उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा कि गलत काम होने पर आवाज उठाना जरूरी है।
नेहा बोरा ने कहा कि यह संगठन पूर्वांचल में दंगा कराने के लिए जाना जाता है।
कार्यक्रम में चार वार्डों के मुद्दे चार दिन में उठाए जाने की बात भी सामने आई।
इस दौरान छात्रों ने अपने स्कूलों की समस्याओं को लेकर संगठन से समर्थन मांगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नेहा बोरा ने स्कूलों की समस्याओं पर क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि स्कूलों की समस्याओं को संगठन के मेनिफेस्टो में शामिल किया जाएगा और विभिन्न शहरों व विश्वविद्यालयों में अभियान चलाया जा रहा है।
- नेहा बोरा ने मंच से अशोभनीय भाषा का उपयोग क्यों किया?
- नेहा बोरा ने कहा कि गलत कामों पर आवाज उठाना जरूरी होता है इसलिए उन्होंने अपना बचाव किया।
- नेहा बोरा ने सड़कों पर नमाज पढ़ने और थानों में उपद्रव पर क्या कहना था?
- उन्होंने कहा कि सरकार को सड़कों पर नमाज पढ़ने से आपत्ति है, लेकिन थाने में जन्माष्टमी के दौरान उपद्रव पर कोई नाराजगी नहीं होती।
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