बिहार में बाढ़ से 17,776 लोग विस्थापित, पीएम मोदी चुप
तेजस्वी यादव ने 76 प्रतिशत इलाके में बाढ़ और 5 हजार करोड़ की मदद की मांग की
बिहार में बाढ़ से 17,776 लोग विस्थापित हो गए हैं और 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा और पुनपुन नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई इलाकों में पानी भर चुका है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक बड़ी राहत घोषणा नहीं हुई है।
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बिहार में बाढ़ की विभीषिका से 17,776 लोग विस्थापित हो चुके हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य का 76 प्रतिशत इलाका बाढ़ की चपेट में है और 20 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपदा पर कोई बयान नहीं दिया है।
जलस्तर में वृद्धि और प्रभावित इलाके
शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया, जो उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार यह जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक 50.62 मीटर तक बढ़ सकता है। गंगा के किनारे बसे बड़े इलाके और दूर-दराज के दियारा क्षेत्र पूरी तरह डूब चुके हैं। पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटने से वैशाली जिले के हाजीपुर में बाढ़ विकराल रूप ले चुकी है।
गांधी घाट पर स्थित केंद्रीय जल आयोग का कार्यालय पानी में डूब चुका है, जिसके कारण कार्यालय बंद करना पड़ा है। जिला प्रशासन ने गांधी घाट को आम लोगों के लिए खतरनाक घोषित कर सील कर दिया है। कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। जलस्तर में तेजी से वृद्धि के कारण पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
गंगा और पुनपुन दोनों नदियों के उफान का असर अब शहरी क्षेत्र और तटबंधों तक पहुंच गया है। मनेर में जलस्तर 53.77 मीटर तक पहुंच गया है, जो पुराने उच्चतम स्तर के करीब है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
प्रभावित लोग और राहत कार्य
कुंदन कुमार ने बताया कि अब तक बाढ़ से 17,776 लोग और 3,993 मवेशी विस्थापित हुए हैं। क्षेत्र के ग्रामीण अपने मवेशियों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। फुलझरिया ने कहा कि उनका घर दियारा क्षेत्र में है और पूरे गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है। सबिता देवी ने बताया कि उनके पूरे घर में पानी घुस गया है, जिससे खाना-पीना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए सरकार की ओर से अभी तक कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
एसडीओ ने बताया कि नावों के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह बिहार की बाढ़ की स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के लिए महंगाई अब 'डायन' नहीं, बल्कि 'महारानी' बन गई है, जिससे वे चिपककर बैठे हैं। उन्होंने केंद्र से पांच हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की ताकि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित लोगों को राहत दी जा सके।
बाढ़ की गंभीरता और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
गंगा के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के कारण पटना के प्रमुख घाटों पर हालात गंभीर हैं। कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं और घाटों पर पानी कमर से ऊपर तक पहुंच चुका है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में गंगा का ऐसा भयानक रूप पहले कभी नहीं देखा। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को डर है कि शहर में 2016 जैसी प्रलयंकारी बाढ़ के हालात न बन जाएं।
वैशाली जिले के हाजीपुर में पुनपुन नदी के रिंग बांध के टूटने से करीब 400 से 500 घरों में पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाई अलर्ट के बावजूद प्रशासनिक टीम मौके पर नहीं पहुंची और समय पर सहायता नहीं मिली। रात के अंधेरे में ग्रामीण खुद बांध टूटने वाली जगह पर स्थिति का जायजा लेते रहे।
पुरानी घटनाओं का संदर्भ
2016 में भी गंगा और पुनपुन नदियों के उफान से पटना में बाढ़ आई थी। गांधी घाट पर गंगा ने तब भी रिकॉर्ड तोड़ा था। 2019 में इन नदियों के कारण पाश कालोनियों में नावें चलानी पड़ी थीं। वर्तमान में जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिससे खतरा अधिक गंभीर हो गया है।
जल संसाधन विभाग इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है
जयप्रकाश पासवान, अभियंता
अनुमंडल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है
राकेश रंजन, पदाधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकार ने क्या राहत कार्य शुरू किए हैं?
- सरकार की ओर से अभी तक प्रभावित परिवारों के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, हालांकि प्रशासन ने नावों के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
- बाढ़ की स्थिति में प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
- जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है, साथ ही गांधी घाट को खतरनाक घोषित कर सील कर दिया है।
- पुनपुन नदी के रिंग बांध टूटने का प्रभाव क्या हुआ?
- इस घटना के कारण वैशाली जिले के हाजीपुर में करीब 400 से 500 घरों में पानी घुस गया और ग्रामीणों को समय पर प्रशासनिक सहायता नहीं मिली।
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