हरियाणा में लोकायुक्त का पद खाली, नए नियुक्ति की कवायद शुरू
निवर्तमान लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा का कार्यकाल पूरा, नए चयन में सरकार की पसंद अहम
हरियाणा में लोकायुक्त का पद रिक्त हो गया है क्योंकि जस्टिस हरिपाल वर्मा का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। नए लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को ही नियुक्त किया जा सकता है। नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है और सरकार की पसंद इसमें निर्णायक होती है।
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हरियाणा में लोकायुक्त का पद रिक्त हो गया है। जस्टिस हरिपाल वर्मा का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद नई नियुक्ति के लिए प्रक्रिया और लॉबिंग शुरू हो गई है। अधिनियम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को ही लोकायुक्त बनाया जा सकता है।
जस्टिस हरिपाल वर्मा ने 11 सितंबर 2021 को हरियाणा लोकायुक्त के पद की शपथ लेकर कार्यभार संभाला था। हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम 2002 के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। कानून में यह प्रावधान नहीं है कि नए लोकायुक्त की नियुक्ति होने तक पूर्व लोकायुक्त पद पर बने रहें।
लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है। मुख्यमंत्री को विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश या पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श करना होता है, लेकिन यह परामर्श बाध्यकारी नहीं है। इसलिए नए लोकायुक्त के चयन में सरकार की पसंद निर्णायक होगी।
एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया, "अधिनियम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अथवा किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश को लोकायुक्त नियुक्त किया जा सकता है।" नई नियुक्ति को लेकर संभावित दावेदारों की लॉबिंग भी शुरू हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- लोकायुक्त का कार्यकाल कितना होता है?
- हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम 2002 के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है।
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