हनुमान अंश की सफलता से बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर श्रद्धालु बढ़े
अकबरपुर में श्रद्धालुओं की संख्या 15 गुना बढ़ी, सरकार कर रही विकास कार्य
फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद संत बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली अकबरपुर में श्रद्धालुओं की संख्या में लगभग 15 गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
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फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद संत बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली अकबरपुर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने में यहां आने वाले भक्तों की संख्या 15 गुना से अधिक बढ़ी है। प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्य कर रही है।
अकबरपुर गांव में बाबा नीब करौरी के पैतृक आवास और मंदिर के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। महांत पंडित अवधेश शर्मा ने बताया कि पहले प्रतिदिन औसतन 50 से 100 श्रद्धालु आते थे, जो अब कई गुना बढ़ गए हैं। बाबा का जन्म वर्ष 1900 में इसी गांव में हुआ था।
प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से अकबरपुर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के अलावा बाबा का पैतृक आवास और डाक बंगलिया भी दर्शनीय स्थल हैं, जहां बाबा कई वर्षों तक निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे और पंचायत करते थे।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण गांव में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। आगरा और कानपुर की ओर से सड़क मार्ग से श्रद्धालु हाईवे होते हुए टूंडला की राजा का ताल पुलिस चौकी पहुंचते हैं। अकबरपुर जाने वाला मार्ग सर्विस रोड से जुड़ा है और जगह-जगह सूचना पट्ट लगे हैं। निजी वाहन से मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
ट्रेन मार्ग से टूंडला जंक्शन या फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरकर प्राइवेट वाहनों से भी यहां पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु गूगल मैप का सहारा लेकर बाबा की जन्मस्थली तक पहुंच रहे हैं।
वृंदावन में बाबा के आश्रम और समाधि स्थल पर भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। संत बाबा नीब करौरी के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं, जिनमें एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जाब्स, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स भी शामिल हैं।
हनुमान अंश की सफलता के बाद श्रद्धालुओं के मन में बाबा की जन्मस्थली देखने की लालसा बढ़ी है। महांत पंडित अवधेश शर्मा ने कहा, "उन्हें फिल्म देखने के बाद पता चला कि बाबा का जन्म यहां हुआ था।" बाबा को प्रतिदिन सुबह सात बजे और दोपहर तीन बजे चाय का भोग लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- श्रद्धालु अकबरपुर मंदिर तक कैसे पहुंच सकते हैं?
- श्रद्धालु मार्गदर्शित सर्विस रोड से जुड़े रास्ते, निजी वाहन, और ट्रेन द्वारा टूंडला जंक्शन या फिरोजाबाद स्टेशन से प्राइवेट वाहन लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं।
- बाबा नीब करौरी की लोकप्रियता कहां तक फैली है?
- उनके भक्त देश-विदेश में लाखों हैं, जिनमें बड़ी हस्तियां जैसे स्टीव जाब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया राबर्ट्स शामिल हैं।
- बाबा नीब करौरी को श्रद्धालु कैसे पूजा करते हैं?
- प्रतिदिन सुबह सात बजे और दोपहर तीन बजे उन्हें चाय का भोग लगाया जाता है।
- कैसा है धार्मिक पर्यटन केंद्र अकबरपुर?
- यहाँ बाबा के पैतृक आवास, मंदिर, डाक बंगलिया जैसे दर्शनीय स्थल हैं, जहां सालों तक बाबा ग्राम प्रधान रहे।
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