शाहजहांपुर में साक्षरता रैली निकाली गई, जागरूकता बढ़ाई
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिले के विद्यालयों में प्रभात फेरी और साइकिल रैली हुई
शाहजहांपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर परिषदीय विद्यालयों में साक्षरता रैली और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निरक्षरता उन्मूलन और शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए उल्लास साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने और परीक्षा के आयोजन की भी व्यवस्था की गई है।
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकास खंडों के परिषदीय विद्यालयों में साक्षरता रैली निकाली गई। रैली में प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यार्थी और रसोइयों ने शिक्षा के महत्व और निरक्षरता उन्मूलन का संदेश दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 1 से 14 सितंबर तक उल्लास साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान मंगलवार को कंपोजिट स्कूल रक्सवारा में साक्षरता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के बच्चों ने साक्षरता संबंधित स्लोगन लिखे पोस्टर और बैनर लेकर गांव का भ्रमण किया।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश वर्मा और अन्य शिक्षकों ने ग्रामीणों से मिलकर सभी आयु वर्ग के लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उम्र की कोई सीमा नहीं होती, शिक्षा हर अंधकार को धोती है। रैली में 'पढ़ी-लिखी जब होगी नारी, तभी मिटेगी अज्ञानता सारी' और 'अंगूठा हटाओ कलम उठाओ-देश को आगे बढ़ाओ' जैसे नारे लगाए गए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए बताया कि उल्लास साक्षरता पखवाड़ा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि साक्षरता रैली के माध्यम से आमजन को शिक्षा के प्रति जागरूक और साक्षर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
साक्षरता उल्लास योजना के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को पंजीकृत कर साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक 10 निरक्षरों पर एक स्वयंसेवी शिक्षक नियुक्त किया गया है। वर्ष में दो बार साक्षरता की जांच परीक्षा आयोजित की जाती है, इस वर्ष 20 सितंबर को सभी जनचेतना केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कर्रा प्रखंड के सरकारी और अल्पसंख्यक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गई। इसके बाद प्रभात फेरी और साइकिल रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया।
प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। शिक्षक प्रमोद कुमार, राम प्रकाश स्वर्णकार, अजय सिंह, आंगनवाड़ी प्रतिमा सिंह, रेखा तिवारी, रसोइया कलावती, सुषमा और श्याम कुमारी भी उपस्थित थे।
पदाधिकारी मनमोहन साहू ने कहा, "सरकार का उद्देश्य राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- उल्लास साक्षरता पखवाड़ा का उद्देश्य क्या है?
- इस पखवाड़े का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा के महत्व से जोड़ना है।
- निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं?
- प्रत्येक 10 निरक्षरों पर एक स्वयंसेवी शिक्षक नियुक्त किया गया है।
- स्कूलों में साक्षरता के महत्व को कैसे बताया गया?
- प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी गई।
- रैली में कौन-कौन शामिल हुए थे?
- प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यार्थी, रसोइयाँ और स्थानीय अधिकारी शामिल थे।
- सरकार का साक्षरता संबंधी लक्ष्य क्या है?
- सरकार का उद्देश्य राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना है।
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