उत्तर प्रदेश में 3 नवंबर को विशेष टीईटी परीक्षा होगी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य हुई परीक्षा, आवेदन 5 सितंबर से शुरू
उत्तर प्रदेश में 3 नवंबर 2026 को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) आयोजित की जाएगी, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अनिवार्य है। यह परीक्षा 2011 से पहले कार्यरत उन शिक्षकों के लिए है जिन्होंने पहले टीईटी पास नहीं किया है। ऑनलाइन आवेदन 5 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होंगे, और परीक्षा में 150 प्रश्न होंगे, जहां पास करने के लिए जनरल श्रेणी के लिए 90 और ओबीसी, एससी, एसटी एवं EWS के लिए 82 अंक अनिवार्य हैं।
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में 3 नवंबर 2026 को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल 1 सितंबर के आदेश के तहत सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होगी और 8 अक्टूबर तक चलेगी।
परीक्षा का उद्देश्य और पात्रता
स्पेशल टीईटी परीक्षा उन शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही है जो 2011 से पहले कार्यरत हैं और टीईटी में फेल हो चुके हैं। इसके साथ ही विशेष शिक्षक (CWSN) भी इस परीक्षा में भाग ले सकेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद, स्थानीय निकाय और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आएंगे।
परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा और माइनस मार्किंग नहीं होगी। जनरल श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60 फीसदी अंक यानी 90 अंक आवश्यक होंगे, जबकि ओबीसी, एससी, एसटी एवं EWS वर्ग के लिए 55 फीसदी अंक यानी 82 अंक अनिवार्य हैं।
आवेदन प्रक्रिया और निर्देश
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पेशल टीईटी परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन 5 सितंबर से शुरू होंगे और 8 अक्टूबर तक संशोधन की अनुमति रहेगी।
परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आयोग की वेबसाइट पर किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा, जिसके बाद ही फॉर्म का प्रिंट आउट निकाला जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और परीक्षा की पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2027 को आदेश दिया था कि सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028 निर्धारित की गई है। इस आदेश के पालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष टीईटी परीक्षा कराने की योजना बनाई है।
यह परीक्षा अध्यापक पात्रता परीक्षा के तहत अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी ताकि अधिक से अधिक शिक्षक पात्रता प्राप्त कर सकें। अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा, "इससे 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।"
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिकता के आधार पर विज्ञापन जारी कर परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्थ सारथी सेन, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा अपर मुख्य सचिव
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