आईआईटी दिल्ली करेगी ताजमहल की धारण क्षमता का अध्ययन
एएसआई ने पर्यटकों की संख्या निर्धारित करने का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय भेजा
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताजमहल की धारण क्षमता निर्धारित करने के लिए आईआईटी दिल्ली से अध्ययन कराने का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय को भेजा है। इसका उद्देश्य स्मारक पर पर्यटकों की संख्या सीमित कर संरक्षण सुनिश्चित करना है। पिछले अध्ययन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह पहल की जा रही है।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताजमहल की धारण क्षमता निर्धारित करने के लिए आईआईटी दिल्ली से अध्ययन कराने का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय भेजा है। यह कदम स्मारक पर भीड़ के दुष्प्रभाव रोकने और संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आईआईटी दिल्ली की टीम ने मई में ताजमहल का दौरा कर पर्यटकों की संख्या निर्धारित करने के अध्ययन की रूपरेखा तैयार की है। इस अध्ययन में एक दिन में स्मारक पर आने वाले पर्यटकों की अधिकतम संख्या तय की जाएगी ताकि भीड़ से स्मारक को कोई नुकसान न पहुंचे।
एएसआई के आगरा सर्किल ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर पिछले सप्ताह दिल्ली मुख्यालय को भेजा है। अध्ययन के लिए आईआईटी दिल्ली ने करीब सवा करोड़ रुपये की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने ताजमहल संरक्षण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली से विजन डाक्यूमेंट तैयार कराया था। इसके बाद केंद्रीय पर्यावरण समिति ने सभी स्मारकों की धारण क्षमता निर्धारित कराने की सिफारिश की थी।
राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी शोध संस्थान ने वर्ष 2014 में ताजमहल की धारण क्षमता का अध्ययन किया था। उसके सुझावों के आधार पर दिसंबर 2018 में एएसआई ने मुख्य मकबरे पर अतिरिक्त टिकट शुल्क 200 रुपये लगाने और पर्यटकों के रुकने की अधिकतम अवधि तीन घंटे तय की थी।
हाल ही में ताजमहल में पर्यटकों के चप्पल उतारकर हाथ जोड़ने और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। अखिल भारत हिंदू महासभा ने इन पर्यटकों का नकद पुरस्कार के साथ सम्मान करने की घोषणा की है। जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा, "पर्यटकों का पता लगाकर नकद पुरस्कार के साथ उनका सम्मान किया जाएगा।"
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने स्पष्ट किया है कि उनके संरक्षित स्मारकों में प्रचलित गतिविधियों के अलावा कोई अन्य गतिविधि नहीं हो सकती। ताजमहल के शिव मंदिर तेजोमहालय होने का दावा एएसआई ने बार-बार खारिज किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ताजमहल की धारण क्षमता अध्ययन क्यों किया जा रहा है?
- यह कदम स्मारक पर भीड़ के दुष्प्रभाव रोकने और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए है।
- आईआईटी दिल्ली ने अध्ययन के लिए क्या तैयारी की है?
- आईआईटी दिल्ली की टीम ने पर्यटकों की संख्या निर्धारित करने के लिए एक अध्ययन रूपरेखा तैयार की है।
- सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में क्या आदेश था?
- सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में ताजमहल संरक्षण के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार कराने का आदेश दिया था।
- पर्यटकों द्वारा कौन सी विवादित गतिविधि सोशल मीडिया पर आई?
- पर्यटक ताजमहल में चप्पल उतारकर हाथ जोड़ने और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष करते हुए दिखे।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने शिव मंदिर होने के दावों पर क्या कहा?
- एएसआई ने बार-बार ताजमहल के शिव मंदिर तेजोमहालय होने के दावे खारिज किए हैं।
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