हरतालिका तीज 14 सितंबर को, पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से
सुहागिन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करेंगी
हरतालिका तीज इस वर्ष 14 सितंबर को मनाई जाएगी, जिसकी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक रहेगा। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और वैवाहिक सुख तथा सौभाग्य की कामना करती हैं। व्रत के बाद जरूरतमंदों को दान देना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
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हरतालिका तीज का पर्व इस वर्ष 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज हिंदू धर्म के प्रमुख व्रतों में से एक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी तपस्या और दृढ़ संकल्प की स्मृति में यह व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं श्रद्धा के साथ शिव-पार्वती की पूजा, कथा श्रवण और आरती करती हैं।
विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की प्रार्थना करती हैं। पूजा से पहले सामग्री की पूरी तैयारी कर लेना शुभ माना जाता है ताकि पूजन के समय कोई वस्तु न छूटे।
पूजा के लिए इस बार पंचांग के अनुसार केवल 1 घंटा 1 मिनट का शुभ समय रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि व्रत-पूजन के बाद जरूरतमंदों को दान करना पुण्यदायी होता है। महिलाएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, अन्न, फल, मिठाई, सुहाग सामग्री और दक्षिणा का दान कर सकती हैं। कुछ परिवारों में ब्राह्मण या जरूरतमंद महिला को भोजन कराकर वस्त्र और श्रृंगार सामग्री देने की परंपरा भी है।
भोग में फल, मिठाई, खीर, हलवा, पूड़ी, मालपुआ या अन्य सात्विक पकवान बनाए जाते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती को भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटा जाता है।
हरतालिका तीज का व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, समर्पण और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है।
पिछले वर्षों में हमने गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की जानकारी दी है। इस बार हरतालिका तीज के शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की पूरी सूची उपलब्ध है, जिसे पूजा से पहले तैयार कर लेना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हरतालिका तीज का धार्मिक महत्व क्या है?
- यह व्रत माता पार्वती की कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प की स्मृति में रखा जाता है।
- व्रत में कौन-कौन सी भोग सामग्री बनाई जाती है?
- भोग में फल, मिठाई, खीर, हलवा, पूड़ी, मालपुआ या अन्य सात्विक पकवान बनाए जाते हैं।
- पूजा में दान करने की क्या परंपरा है?
- महिलाएं वस्त्र, अन्न, फल, मिठाई, सुहाग सामग्री और दक्षिणा दान कर सकती हैं; कुछ परिवारों में ब्राह्मण या जरूरतमंद महिलाओं को भोजन व श्रृंगार सामग्री देना भी शामिल है।
- अविवाहित महिलाएं इस व्रत में क्या कामना करती हैं?
- अविवाहित कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की प्रार्थना करती हैं।
- हरतालिका तीज व्रत से क्या आशीर्वाद मिलता है?
- यह व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, समर्पण और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है।
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