राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के नए आईटी भवन और महाराजा गेट का भी उद्घाटन किया
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की तांबे की प्रतिमा का अनावरण किया और विश्वविद्यालय के नए आईटी सेल भवन तथा महाराजा गेट का उद्घाटन किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अमेरिका में दिए गए आध्यात्मिक संबोधन की 134वीं वर्षगांठ के मौके पर विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। इसी दौरान एक युवक ने राज्यपाल से न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन 11 सितंबर को बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक भवन परिसर में स्वामी विवेकानंद की तांबे की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और विश्वविद्यालय के नए आईटी सेल भवन तथा महाराजा गेट का उद्घाटन किया।
राज्यपाल पटना से सड़क मार्ग से मुजफ्फरपुर आए और सबसे पहले विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचे। इसके बाद वे सेंट्रल लाइब्रेरी स्थित सीनेट हॉल में छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद करेंगे। विश्वविद्यालय के सभी पीजी विभागों के साथ एलएस कॉलेज और आरबीएमआईएम कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां इस दिन स्थगित रहीं और ऑनलाइन संचालित की गईं। केवल कार्यक्रम में जिम्मेदारी वाले शिक्षक-कर्मियों को परिसर में प्रवेश मिला।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के अमेरिका के शिकागो में 11 सितंबर 1893 को दिए गए ऐतिहासिक आध्यात्मिक संबोधन की 134वीं वर्षगांठ पर विशेष आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में दक्षिणी गेट के सामने उनकी तांबे की प्रतिमा स्थापित की गई है।
राज्यपाल ने मुजफ्फरपुर मेला स्थित रामकृष्ण सेवाश्रम में भी व्याख्यान दिया। आश्रम के सचिन स्वामी भवात्मानंद महाखन ने बताया कि राज्यपाल दोपहर डेढ़ बजे आश्रम पहुंचे और करीब एक घंटे तक कार्यक्रम में रहे। उन्होंने विवेकानंद के आध्यात्मिक संदेश की प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।
इस दौरान, विश्वविद्यालय परिसर में एक युवक राज्यपाल से मिलने की जिद पर एलएस कॉलेज के गेट के पास अड़ गया। युवक ने राज्यपाल के कारकेड के गुजरने के बाद हंगामा शुरू कर दिया। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस की करीब दस सदस्यीय टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसे काबू किया।
युवक, जो खुद को अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन खिलाड़ी बताता है, ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में काजी मोहम्मदपुर थाने के तत्कालीन दरोगा मनमोहन कुमार ने उसे शराब के झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया था, जिससे उसका करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का अवसर बर्बाद हो गया।
राज्यपाल के आने के बाद युवक ने लंगट सिंह महाविद्यालय के गेट पर कागजात लहराते हुए न्याय की गुहार लगाई और विरोध दर्ज कराया। इससे पहले भी उसने मुजफ्फरपुर लेक फ्रंट के उद्घाटन के दौरान विरोध जताया था।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन करीब पौने दो घंटे तक विश्वविद्यालय में रहे। कुलाधिपति के कार्यक्रम के कारण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्य स्थगित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा कहां स्थापित है?
- प्रतिमा विश्वविद्यालय परिसर के दक्षिणी गेट के सामने लगा है।
- राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में किस प्रकार की गतिविधियां कीं?
- उन्होंने प्रशासनिक भवन परिसर में प्रतिमा का अनावरण और नई इमारतों का उद्घाटन किया।
- स्वामी विवेकानंद के अमेरिका में दिए गए संबोधन का क्या महत्व था?
- 11 सितंबर 1893 को दिया गया उनका आध्यात्मिक संबोधन ऐतिहासिक माना जाता है।
- युवक ने राज्यपाल से मिलने का विरोध क्यों किया?
- उसने आरोप लगाया कि 2022 में उसके खिलाफ झूठा शराब मामला दर्ज किया गया था।
- राज्यपाल का विश्वविद्यालय में कुल कितना समय रहा?
- वे लगभग पौने दो घंटे तक परिसर में रहे।
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