मुजफ्फरपुर में शिक्षक दिवस पर टीईटी विरोध में काली पट्टी बांधी
जिले के हजारों शिक्षकों ने 7वें वेतनमान, टीईटी से छूट और पुरानी पेंशन योजना की मांग की
मुजफ्फरपुर में शिक्षक दिवस पर हजारों शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उन्होंने 7वें वेतनमान के अनुसार वेतन बढ़ाने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की है।
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मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के हजारों शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में काली पट्टी बांधकर काम किया। शिक्षक संघ ने सरकार से 7वें वेतनमान के अनुसार वेतन देने और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की है।
बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्देश पर जिले के अधिकांश शिक्षकों ने शिक्षक दिवस पर काली पट्टी लगाकर विरोध जताया। जूनियर शिक्षक संघ के प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षक टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सक्रिय हुए। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति पहले की गई थी, उनके पास आवश्यक योग्यता थी और अब टीईटी अनिवार्यता का कोई औचित्य नहीं है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि 20-25 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने संसद में प्रस्ताव लाकर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की है।
मुजफ्फरपुर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रभारी इन्द्रभूषण आदि ने चेतावनी दी कि सरकार उनकी जायज मांगें पूरी नहीं करती है तो जिले के हजारों शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पवन कुमार प्रतापी ने कहा, "सरकार सभी प्रधान, विशिष्ट एवं नियोजित शिक्षकों को 7वें वेतनमान के अनुसार मूल वेतन एवं सभी संवर्ग के शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्ति और पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करे।"
महामंत्री अहसान अहमद ने बताया कि संगठन से जुड़े बड़ी संख्या में शिक्षकों ने शिक्षक दिवस पर विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर काम किया।
शिक्षकों के विरोध के चलते जिले के ज्यादातर जूनियर हाईस्कूलों में काली पट्टी बांधकर काम होता दिखा। ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भी प्रदर्शन हुए, जिनमें कई शिक्षक प्रमुख रूप से शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर क्या खास बात कही गई?
- शिक्षकों का कहना है कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों की योग्यता पहले से पर्याप्त थी, इसलिए टीईटी अनिवार्यता अब आवश्यक नहीं है।
- सरकार को न माने जाने पर शिक्षक नेताओं ने क्या कहा?
- इन्द्रभूषण समेत शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
- विरोध प्रदर्शन कहाँ-कहाँ हुए?
- प्रदर्शन मुख्यतः जूनियर हाईस्कूल और ब्लॉक संसाधन केंद्रों में शिक्षकों की बड़ी संख्या द्वारा किया गया।
- शिक्षक दिवस के अवसर पर विरोध कैसे हुआ?
- शिक्षक संघ के निर्देश पर शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करने के जरिए विरोध व्यक्त किया।
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