दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन, पुलिस ने जांच शुरू की
नोएडा के फ्लैट में मृत पाए गए मेहता के घर से मिला नोट, जांच जारी
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का 6 सितंबर को नोएडा स्थित उनके फ्लैट में निधन हो गया। पुलिस ने उनके घर से एक नोट पाया है, जिसमें उन्होंने मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र किया है, और मामले की जांच जारी है। मेहता ने 1975 बैच के आईएएस के रूप में दिल्ली सरकार और निगम में कई पद संभाले थे।
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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का 6 सितंबर को नोएडा के सेक्टर-82 स्थित फ्लैट में निधन हो गया। पुलिस को उनके घर से एक नोट मिला है, जिसमें उन्होंने मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जिक्र किया है।
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को डायल-112 के जरिए सूचना मिलने पर फेस-2 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया, जहां मेहता मृत अवस्था में मिले। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने कथित नोट को जांच के दायरे में रखा है।
घटना के समय उनकी पत्नी सुमंती मेहता देहरादून में थीं। उन्होंने पति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिलने पर चिंता हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 7 सितंबर को दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
राकेश मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और तीन दशक से अधिक प्रशासनिक करियर में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल में दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेल आयोजित हुए थे।
मेहता को दिल्ली की परिवहन, बिजली और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई प्रशासनिक पहलों से जोड़ा जाता है। पूर्व सहयोगियों के मुताबिक, उन्होंने बिजली क्षेत्र में सुधार, संपत्ति कर व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े बदलावों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। दिल्ली की सड़कों से ब्लू लाइन बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और लो-फ्लोर बसों की व्यवस्था की योजना में भी उनकी भूमिका बताई जाती है। वह दिल्ली नगर निगम के आयुक्त समेत कई अहम पदों पर भी रहे।
मेहता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में मुख्य सचिव के तौर पर काम किया। उनके सहयोगियों और उस दौर के नेताओं ने उन्हें कुशल प्रशासक बताते हुए याद किया है, जो नई नीतियों और प्रशासनिक सुधारों को लागू करने के लिए तैयार रहते थे।
पुलिस ने बताया कि नोट में मेहता ने किसी अन्य व्यक्ति को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। हालांकि, पुलिस अभी नोट की सामग्री और उसकी प्रामाणिकता समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसलिए इसे उनकी मौत की अंतिम वजह मानने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राकेश मेहता की मौत की क्या जांच चल रही है?
- पुलिस नोट की सामग्री और उसकी प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
- राकेश मेहता ने प्रशासनिक करियर में किन सुधारों में भूमिका निभाई?
- उन्होंने बिजली क्षेत्र, संपत्ति कर व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन सुधारों में योगदान दिया।
- क्या परिवार के सदस्यों की घटना के दौरान मौजूदगी थी?
- घटना के समय उनकी पत्नी सुमंती मेहता देहरादून में थीं।
- राकेश मेहता ने कौन से महत्वपूर्ण पद संभाले?
- वे दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त रह चुके हैं।
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