सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौके पर
मलबे में दबे कई छात्र, बचाव कार्य जारी, एक की मौत की पुष्टि
दोपहर लगभग 1:30 बजे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें मलबे के नीचे कई लोग दब गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए, जबकि अभी तक एक व्यक्ति की मौत और कई घायल होने की पुष्टि हुई है। राहत टीमों द्वारा फंसे लोगों को निकालने का कार्य जारी है।
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नई दिल्ली। दोपहर करीब 1:30 बजे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिर गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दोपहर 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। दोपहर 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर नरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे और बताया कि इमारत गिर गई है और कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की बचाव टीम मौके पर भेजी गई हैं। पुलिस ने बताया कि फिलहाल फंसे या घायल लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढही इमारत का नाम 'होस्टल डेज़' था, जो छात्रों के रहने के लिए पीजी के रूप में इस्तेमाल होती थी। हादसे के समय कई छात्र अपने कमरों में थे और वे मलबे के नीचे दब गए। राहत कर्मी मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। अब तक आठ लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें चार मजदूर घायल बताए गए हैं। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन की हालत गंभीर है।
उन्होंने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री आशीष सूद ने इस घटना पर चिंता जताई है। साथ ही सांसद बांसुरी स्वराज और क्षेत्रीय विधायक अनिल शर्मा भी मौके पर मौजूद हैं।
हादसे के बाद आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है। प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आपातकालीन वाहनों को मार्ग दिया है और भीड़ नियंत्रण के लिए आरएएफ बुलाया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह इमारत एक साल पहले खाली कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद इसे दोबारा खोलकर पीजी के रूप में चलाया जा रहा था। हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। पिछले महीने करोलबाग इलाके में भी इसी तरह की इमारत गिरने की घटना हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और तीन के घायल होने की सूचना थी।
पुलिस ने बताया कि फिलहाल मलबे में फंसे लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है और राहत कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, दिल्ली दमकल सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम और नागरिक सुरक्षा की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं
अधिकारियों
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पांच मंजिला इमारत गिरने का कारण क्या था?
- इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था, जिससे संरचना कमजोर हुई हो सकती है।
- क्या मलबे के नीचे फंसे लोगों की संख्या पता है?
- पुलिस ने अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या नहीं बताई है, राहत कार्य जारी है।
- क्या प्रभावित परिवारों को कोई सहायता मिलेगी?
- मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
- राहत कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
- दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, दिल्ली दमकल सेवा, दिल्ली पुलिस, नगर निगम और नागरिक सुरक्षा की टीमें राहत कार्य कर रही हैं।
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