आयोग कार्यालय में सेंधमारी, आरक्षण नियमों की जांच तेज
उत्तराखंड आयोग में फाइलें खंगाली गईं, CCSU में आरक्षण पालन पर नोटिस
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के कार्यालय में अज्ञात आरोपियों ने सेंधमारी कर सरकारी दस्तावेजों को खंगाला है। राष्ट्रीय आयोग ने CCSU में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है और 15 दिन में जवाब मांगा है।
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नई दिल्ली। उत्तराखंड राज्य अनुसूचित जाति आयोग के कार्यालय में शनिवार को अज्ञात आरोपियों ने सेंधमारी कर सरकारी दस्तावेजों को खंगाला। इसी बीच, राष्ट्रीय आयोग ने CCSU में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर विश्वविद्यालय को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है।
आयोग कार्यालय का ताला तोड़कर घुसे आरोपियों ने अलमारियों के लॉक तोड़े और महत्वपूर्ण गोपनीय दस्तावेजों को खंगाला। कर्मचारियों ने सोमवार को ताले टूटे देख मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके।
शिकायतकर्ता शशिकांत गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के दौरान आरक्षण के नियमों का पालन होना जरूरी है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने 18 अगस्त 2026 को मिली शिकायत के आधार पर मामले की जांच का फैसला किया है। आयोग ने कुलपति को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब देने को कहा है।
आयोग ने कहा है कि तय समय में जवाब न मिलने पर संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को आयोग के सामने पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त डी-रिजर्वेशन प्रस्तावों की संख्या का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। डी-रिजर्वेशन का मतलब आरक्षित पद को सामान्य वर्ग के उम्मीदवार से भरना है। विभाग ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत डी-रिजर्वेशन प्रस्तावों पर जानकारी इकट्ठा करना संसाधनों पर बोझ डालता है।
राष्ट्रीय आयोग ने शिकायत की थी कि केंद्र सरकार के डी-रिजर्वेशन प्रस्ताव अधूरे होते हैं और वैकल्पिक प्रयासों की जानकारी नहीं होती। आयोग ने ऐसे प्रस्तावों की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है ताकि आरक्षण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
शशिकांत गौतम ने कहा कि अगर कहीं नियमों की अनदेखी हुई है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उम्मीद है कि विश्वविद्यालय समय पर सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी आयोग को उपलब्ध कराएगा।
मामले में केस दर्ज कर लिया गया है
इंस्पेक्टर चौहान
आयोग की सचिव कविता टम्टा ने तहरीर दी
कविता टम्टा, आयोग सचिव
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सेंधमारी के बाद क्या कदम उठाए गए?
- कर्मचारियों ने ताले टूटे होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- राष्ट्रीय आयोग ने CCSU को नोटिस क्यों जारी किया?
- शिकायत में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप था, जिसके आधार पर आयोग ने जवाब तलब किया है।
- डी-रिजर्वेशन का अर्थ क्या है?
- डी-रिजर्वेशन का मतलब आरक्षित पदों को सामान्य वर्ग के उम्मीदवार से भरना होता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी क्यों सीमित है?
- कार्मिक विभाग ने कहा कि डी-रिजर्वेशन प्रस्तावों की जानकारी इकट्ठा करना संसाधनों पर अधिक बोझ डालता है।
- आयोग द्वारा आगे की क्या कार्रवाई हो सकती है?
- अगर जवाब नहीं मिलता है तो आयोग संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत कार्रवाई करेगा।
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