प्रो. कृष्ण पाल सिंह बने गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति
राज्यपाल ने तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया, सेना प्रशिक्षण कमान की कमान संभाले श्रीनंजय प्रताप सिंह
प्रो. कृष्ण पाल सिंह को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है, उनकी नियुक्ति तीन वर्ष के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा की गई है। वे पहले गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में प्रोफेसर थे और महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं।
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एक नज़र में
- प्रो. कृष्ण पाल सिंह को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है।
- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रो. सिंह की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की है।
- प्रो. सिंह पूर्व में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में प्रोफेसर थे।
- लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह को सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है।
- मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह, वीर चक्र विजेता, का अप्रैल 2025 में निधन हो गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रो. कृष्ण पाल सिंह को किस विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है?
- उन्हें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
- प्रो. कृष्ण पाल सिंह की कुलपति नियुक्ति कब तक प्रभावी रहेगी?
- उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए प्रभावी होगी।
- लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह कौन हैं?
- वे सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला के नए प्रमुख हैं और वीर चक्र विजेता मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र हैं।
- मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह के बारे में क्या जानकारी है?
- वे वीर चक्र सम्मानित थे, 2000 से 2005 तक ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रहे और अप्रैल 2025 में दिल्ली के अस्पताल में उनका निधन हो गया।
- प्रो. कृष्ण पाल सिंह के पूर्व के कुलपति कार्यकाल में क्या उपलब्धियां रहीं?
- उनके कार्यकाल में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नैक में ए प्लस प्लस रैंक और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंक हासिल की।
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प्रो। प्रो. कृष्ण पाल सिंह को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को तीन वर्ष के लिए उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया। इससे विश्वविद्यालय में लंबे समय से चला आ रहा नेतृत्व का इंतजार खत्म हो गया है।
कुलपति नियुक्ति
राजभवन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगी। कुलाधिपति ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 की उपधारा-1 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्ति की है। प्रो. सिंह वर्तमान में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर, उत्तराखंड में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
प्रो. केपी सिंह छह वर्ष तक महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति रहे हैं। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने नैक में ए प्लस प्लस और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंक हासिल की। उन्होंने कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए और बड़ी संख्या में एमओयू भी किए। उनकी नियुक्ति को पूर्वांचल के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम ने बताया कि प्रो. सिंह इस पद पर अगले तीन वर्ष तक अपनी सेवाएं देंगे। प्रो. कृष्ण पाल सिंह उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन में लंबे अनुभव वाले शिक्षाविद हैं।
सेना प्रशिक्षण कमान की कमान
गोरखपुर के लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनंजय प्रताप सिंह को सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी), शिमला का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे वीर चक्र विजेता मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र हैं।
करवल मझगावां निवासी श्रीनंजय के पिता 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कश्मीर में तैनात थे और बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हुए थे। उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। श्रीनंजय प्रताप सिंह इससे पहले डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के महानिदेशक और डिप्टी चीफ आफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।
उनके बड़े भाई लेफ्टिनेंट जनरल वीरेश प्रताप सिंह भी भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद पर हैं। परिवार की तीसरी पीढ़ी से उनके बेटे अद्वैत विक्रम सिंह सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। करवल मझगांव के राकेश सिंह ने बताया कि मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह का गांव से जुड़ाव बना रहा। वह वर्ष 2000 से 2005 तक ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रहे, जबकि उनकी पत्नी विजय कुमारी ग्राम प्रधान थीं। मेजर धीरेंद्र प्रताप सिंह का अप्रैल 2025 में दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया।
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