बिहार-झारखंड सीमा पर 1 करोड़ की विदेशी शराब जब्त, ट्रक चालक गिरफ्तार
12 चक्का ट्रक में छिपाकर लाई गई 7,956 लीटर शराब, उत्पाद विभाग ने बड़ा खुलासा किया
बिहार-झारखंड सीमा पर उत्पाद विभाग ने एक करोड़ रुपये मूल्य की 7,956 लीटर विदेशी शराब जब्त की है और लुधियाना के ट्रक चालक सुनील कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब झारखंड से बिहार के आंतरिक जिलों में माफिया तक पहुंचानी थी, जबकि जांच जारी है।
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बिहार-झारखंड सीमा पर उत्पाद विभाग ने एक करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी शराब जब्त की है। 12 चक्का ट्रक में छिपाई गई 7,956 लीटर शराब के साथ लुधियाना निवासी ट्रक चालक सुनील कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है।
उत्पाद विभाग ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए सीमा पर एक संदिग्ध 12 चक्का ट्रक को रोका। चेकपोस्ट पर सभी व्यावसायिक वाहनों की सघन तलाशी के दौरान जवानों को ट्रक पर प्लास्टिक के खाली बोरों की मोटी परत दिखाई दी। संदेह होने पर बोरों की कई परतें हटाई गईं, तब 906 कार्टन विदेशी शराब छिपी मिली।
उत्पाद अधीक्षक रवीन्द्र सिंह के निर्देश पर ट्रक को सीज कर पूरी खेप अनलोड कराई गई। गिनती में कुल 7,956 लीटर उच्च क्वालिटी की विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और खुले बाजार में कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार चालक सुनील कुमार यादव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह शराब झारखंड के रास्ते बिहार के आंतरिक जिलों में बड़े माफिया तक पहुंचाई जानी थी। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन, ई-वे बिल और जीपीएस रूट के आधार पर पूरी चेन का पता लगाया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि झारखंड के किस अवैध गोदाम से शराब लोड हुई और बिहार में किस बड़े धंधेबाज ने इसकी डिलीवरी तय की।
उत्पाद विभाग ने सुनील कुमार यादव के खिलाफ मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की गैर-जमानती और कठोर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पूरे सीमावर्ती इलाके में नाकेबंदी, गश्ती और सख्ती बढ़ा दी गई है।
शराब तस्करों के किसी भी पैंतरे को बख्शा नहीं जाएगा।
रवीन्द्र सिंह, उत्पाद अधीक्षक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सुनील कुमार यादव ने जांच में क्या बताया?
- उसने स्वीकार किया कि शराब झारखंड के रास्ते बिहार के बड़े माफिया तक पहुंचाई जानी थी।
- शराब की खेप की कीमत कैसे आंकी गई?
- इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय और खुले बाजार के आधार पर लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई है।
- उत्पाद विभाग ने आगे क्या कार्रवाई की?
- जल्द ही न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई और सीमावर्ती इलाके में गश्ती बढ़ाई गई।
- शराब तस्करी की जांच में कौन-कौन सी जानकारियां जुटाई जा रही हैं?
- मोबाइल फोन, ई-वे बिल और जीपीएस रूट के आधार पर पूरी तस्करी चेन का पता लगाया जा रहा है।
- उत्पाद अधीक्षक ने क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि शराब तस्करों के किसी भी पैंतरे को बख्शा नहीं जाएगा।
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